कर्मयोग, मद्य निषेध एवं विकसित भारत” विषय पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

कर्मयोग, मद्य निषेध एवं विकसित भारत” विषय पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

 

बहराइच 07 मार्च। कर्मयोग, मद्य निषेध एवं विकसित भारत विषयक जिला ग्राम्य विकास संस्थान, बहराइच में आयोजित संगोष्ठी का अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग, उ.प्र. शासन तथा महानिदेशक उपाम एवं एस.आई.आर.डी. एल. वेंकटेश्वर लू ने मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी, गैर सरकारी संगठनों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रबुद्धजन एवं अन्य स्टेक होल्डर्स द्वारा संगोष्ठी में प्रतिभाग किया गया।

संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए अपर प्रमुख सचिव श्री लू ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए कर्मयोग की मूल विचारधारा को समझना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कर्मयोग केवल एक आध्यात्मिक दर्शन नहीं, बल्कि जीवन का व्यावहारिक मार्गदर्शन है, जो अभ्युदय यानी समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि कर्मयोग ऐसा माध्यम है यह न केवल आत्मज्ञान को जागृत करता है, बल्कि युवाओं को अपने जीवन के उद्देश्यों को समझने में भी सहायता करता है।

अपर प्रमुख सचिव ने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय, विशेषकर वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। ऐसे में उन्हें केवल सपने देखने तक सीमित न रहकर कर्मयोग के मार्ग पर चलकर उन्हें साकार करने की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने इस अवसर पर भारतीय दर्शन में कर्मयोग की प्रासंगिकता को भी रेखांकित किया और कहा कि यही वह सिद्धांत है जो व्यक्ति को लक्ष्य की ओर अग्रसर करता है और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका को सशक्त बनाता है। श्री लू ने उपस्थित लोगों का आवाहन किया कि नशामुक्त समाज बनाने में अपना प्रभावी योगदान दें और जन जागरण अभियान चलाकर लोगों को नशा से होने वाले दुष्प्रभावों से अवगत कराए तभी नशा पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

अपर प्रमुख सचिव ने अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से जिले के 13 छात्रों का विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन होने पर जिले के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि कोचिंग के लिए ऐसे छात्रों का चयन किया जाए जिनमें योग्यता है और वह किन्हीं कारणों से कोचिंग नहीं कर पा रहे हैं उनको प्राथमिकता दी जाएं। इसके साथ-साथ अभ्युदय कोचिंग मे चयनित विद्यार्थियों को बुलाकर मोटिवेशनल क्लासेस भी कराई जाए।

मुख्य विकास अधिकारी श्री चन्द्र ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को पूरा करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। श्री चन्द्र ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक ही राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकता है। आय की युवा पीढ़ी को सभी प्रकार के नशे से दूर रखने की ज़िम्मेदारी हम सब की है। उन्होंने युवाओं का आहवान किया समाज कल्याण विभाग द्वारा अभ्युदय योजना अन्तर्गत संचालित कोचिंग का भरपूर लाभ उठाकर समाज में ऊंचा मुकाम हासिल कर देश का नाम रोशन करें। कार्यक्रम को जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पाण्डेय, जिला प्रशिक्षण अधिकारी आलोक कुशवाहा, सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया।

इस अवसर पर विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार, प्रबुद्धजन डा. सी.पी.एन. गौतम, समाजसेवी योग शिक्षक नागेश कुमार, राज्य मध्य निषेध अधिकारी आर. एल. राजवंशी, विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार, वरिष्ठ प्रशिक्षक नरेश चन्द, प्रतिनिधि अखिल विश्व गायत्री परिवार यूपी डा. संजय चतुर्वेदी, एडीओ आईएसबी सत्यव्रत श्रीवास्तव, ज्योति सिंह एडीओ को-आपरेटिव अमर सिंह, एडीओ पंचायत आशुतोष मिश्रा, रोहित कुमार, योगेंद्र श्रीवास्तव, रूल ऑफ लॉ सोसायटी अवध क्षेत्र संयोजक संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट, किसान परिषद संयोजक शिव पूजन सिंह व सचिव दुर्गेश वर्मा तथा राम कृष्ण परमहंस सेवा समिति अध्यक्ष शशांक सिन्हा, प्रदीप, अनिल गुप्ता, कम्प्यूटर आपरेटर अनुज सिन्हा, योगेंद्र पाल सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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