राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा द्वारा जीआईसी मैदान से शास्त्री चौक तक विशाल पैदल मार्च
बस्ती |विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा अधिसूचित “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” के विरोध में आज राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा के तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) मैदान से शास्त्री चौक तक एक विशाल, शांतिपूर्ण एवं अनुशासित पैदल मार्च का आयोजन किया गया।
इस पैदल मार्च का उद्देश्य उक्त विनियमन से जुड़ी गंभीर संवैधानिक आपत्तियों को लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत तरीके से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद, महामहिम राष्ट्रपति महोदया, तक पहुँचाना था। मार्च के उपरांत जिलाधिकारी बस्ती के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
मार्च में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, शिक्षक, अधिवक्ता एवं विभिन्न वर्गों के नागरिक सम्मिलित हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति, अनुशासन और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया गया। प्रतिभागियों ने हाथों में संविधान, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता से जुड़े संदेशों की तख्तियाँ लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना पक्ष रखा।
ज्ञापन में यह चिंता व्यक्त की गई कि UGC का उक्त विनियमन “Equity” के नाम पर संवैधानिक समानता, निष्पक्षता एवं संवैधानिक नैतिकता के सिद्धांतों के विपरीत जाता प्रतीत होता है तथा इससे शैक्षणिक परिसरों में सामाजिक विभाजन और वैचारिक टकराव को बढ़ावा मिल सकता है।
राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा के अध्यक्ष रामजी पाण्डेय ने कहा कि
“हमारा यह आंदोलन किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना के पक्ष में है। Equity के नाम पर यदि किसी समाज को पूर्वधारणा के आधार पर दोषी ठहराया जाता है, तो यह संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 की आत्मा के विरुद्ध है। शिक्षा के मंदिरों को सामाजिक संघर्ष का अखाड़ा नहीं बनने दिया जा सकता।”
संयोजक ,एवं जन आंदोलन मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अभयदेव शुक्ल ने कहा “UGC का यह विनियमन औपनिवेशिक मानसिकता की याद दिलाता है, जहाँ कुछ समुदायों को जन्म से ही संदेह की दृष्टि से देखा गया। हम राष्ट्रपति महोदया से अपेक्षा करते हैं कि वे इस विषय पर संवैधानिक हस्तक्षेप कर राष्ट्र को विभाजन से बचाने का कार्य करें।”
राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष राम प्रताप सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा “शोषण या उत्पीड़न की रोकथाम के लिए तकनीकी और तटस्थ उपाय होने चाहिए, न कि सामाजिक वर्गीकरण। CCTV, पारदर्शी शिकायत प्रणाली और निष्पक्ष जांच—यही समाधान हैं, न कि सामूहिक दोषारोपण। यशवंत सिंह रोलु सिंह ने कहा “आज का यह पैदल मार्च यह संदेश देता है कि समाज संविधान के साथ खड़ा है। हम चाहते हैं कि विश्वविद्यालय ज्ञान, चरित्र और राष्ट्र निर्माण के केंद्र बने रहें, न कि राजनीतिक और जातिगत संघर्ष के मंच।”
राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यह पैदल मार्च पूर्णतः अहिंसक, लोकतांत्रिक और संविधानसम्मत था तथा भविष्य में भी संगठन अपनी बात संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और शांतिपूर्ण आंदोलनों के माध्यम से ही रखेगा।
संगठन ने जिला प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि महामहिम राष्ट्रपति महोदया इस गंभीर संवैधानिक विषय पर संवेदनशील एवं न्यायसंगत निर्णय लेंगी।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष नवीन दुबे सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा , अनपूर्णा रसोइया के संस्थापक राघवेंद्र मिश्रा , राजपूत करणी सेना के जिला प्रभारी , रवि सिंह ,कायस्थ समाज संरक्षक सर्वेश श्रीवास्तव , चित्रांश क्लब के संस्थापक राजेश चित्रगुप्त ,अखिल भारतीय ब्राह्मण महा सभा रा के मंडल अध्यक्ष रवि कुमार शुक्ल ,राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष मनमोहन त्रिपाठी, अमरदीप सिंह जिलाध्यक्ष A H P स्नेह पाण्डेय अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद, काजी फरजान अहमद, भावेश पांडेय संस्थापक नेशनल यूथ आर्गनाइजेशन, चंद्रेश सिंह ,नागेश सिंह, अश्वनी श्रीवास्तव, सत्येंद्र श्रीवास्तव विनोद पांडे अभिनव उपाध्याय शिबलू पांडे सत्येंद्र सिंह त्र्यंबक दुबे मनोज श्रीवास्तव काजी अहमद संतोष शुक्ला जगदंबा शुक्ला डॉ राम प्रकाश शुक्ला एडवोकेट अखंड पाल सिंह चंद्रभूषण शुक्ला एडवोकेट चंद्रभूषण तिवारी आदि मौजूद रहे ।