दुर्ग में क्रूरता की हद: कार चालक ने बछड़े पर चढ़ाई गाड़ी, पीछे लेकर दोबारा कुचला, घसीटने से दर्दनाक मौत

दुर्ग में क्रूरता की हद: कार चालक ने बछड़े पर चढ़ाई गाड़ी, पीछे लेकर दोबारा कुचला, घसीटने से दर्दनाक मौत

दुर्ग, छत्तीसगढ़ | आनंद नगर (ठगड़ा बांध के सामने)

दुर्ग शहर में पशु क्रूरता की एक ऐसी अमानवीय घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। सड़क पर मौजूद गाय के एक मासूम बछड़े को एक कार चालक ने कथित रूप से जानबूझकर अपनी गाड़ी से कुचल दिया। यही नहीं, पहली टक्कर के बाद भी चालक नहीं रुका, बल्कि गाड़ी को पीछे लेकर दोबारा बछड़े के ऊपर चढ़ा दिया और उसे कुछ दूरी तक सड़क पर घसीटते हुए ले गया, जिससे बछड़े की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

यह पूरी घटना आनंद नगर, ठगड़ा बांध के सामने लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के अनुसार घटना 6 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 3:37 बजे की बताई जा रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक काली रंग की कार धीमी गति से बछड़े की ओर बढ़ती है और जानबूझकर उसके ऊपर टायर चढ़ा देती है। इसके बाद भी चालक रुकता नहीं, बल्कि गाड़ी को पीछे करता है और दोबारा बछड़े को कुचलते हुए आगे बढ़ जाता है।

घटना को देखने वालों के अनुसार यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि साफ तौर पर की गई जानबूझकर की गई क्रूर हरकत प्रतीत होती है। घटना के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।

CCTV फुटेज में कार का नंबर CG07 BD 7100 (संभावित) नजर आ रहा है। फुटेज के आधार पर पुलिस से जल्द आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

इस दर्दनाक घटना की प्रत्यक्षदर्शी

के अनुसार,

“जब मैं उस मार्ग से गुजरी, तब बछड़ा जीवित था। मैंने तुरंत अपनी स्कूटी रोकी और उसे पानी पिलाने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश मेरी आंखों के सामने ही उसने दम तोड़ दिया। वह दृश्य आज भी मुझे भीतर तक झकझोर देता है।”

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों, पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोपी चालक के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है और दोषी को जल्द गिरफ्तार करने की अपील की है।

शहर में यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि क्या सड़क पर बेसहारा पशु अब सुरक्षित नहीं हैं। लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसी अमानवीय घटनाएं बढ़ती जाएंगी।

✍️ लेखिका: नेहा वार्ष्णेय

आनंद नगर निवासी

दुर्ग छत्तीसगढ़