महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। समाजवादी पार्टी कार्यालय ‘लोहिया भवन’ में संत शिरोमणि श्री नरहरिदास जी (सोनार) एवं संत शिरोमणि श्री रविदास जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दोनों महान संतों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
शिव-विष्णु की एकता के प्रतीक थे संत नरहरिदास समारोह का नेतृत्व कर रहे नि. जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव ने संत नरहरिदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे 13वीं-14वीं शताब्दी के महान संत कवि और वारकरी भक्त थे। उन्होंने बताया कि भगवान शिव के परम भक्त होने के बावजूद पंढरपुर में उन्हें साक्षात शिव और विष्णु की एकता का बोध हुआ, जो समाज के लिए समन्वय का बड़ा संदेश है। सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे संत रविदास नि. महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने संत रविदास जी को ‘संत शिरोमणि’ बताते हुए कहा कि वे मध्यकाल के एक ऐसे सद्गुरु थे जिन्होंने अपनी कविताओं और भक्ति के माध्यम से समाज को नई दिशा दी। वहीं, नि. महासचिव हामिद जाफर मीसम ने कहा कि माघ पूर्णिमा के दिन उनकी जयंती पूरे विश्व में मनाई जाती है। यह अवसर भक्ति और अनुष्ठान का केंद्र बिंदु है, जहाँ लोग भक्ति की नदी में स्नान कर स्वयं को धन्य करते हैं।
ये गणमान्य रहे उपस्थित महानगर प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष चौधरी श्रीचंद यादव, जिला उपाध्यक्ष जेपी यादव, वीरेंद्र गौतम, दान बहादुर सिंह, ओपी पासवान, शिवांशु तिवारी, पवन यादव, विद्याभूषण पासी, सीताराम यादव, अंसार अहमद, जितेंद्र यादव, गोपाल यादव, इश्तियाक खान, राम सिंगर यादव, अमरेश यादव और अरुण यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।झ