मनरेगा की जगह VB-G RAM G योजना लागू अब 125 दिन रोजगार और ₹300 प्रतिदिन मजदूरी
कप्तानगंज से हुई नई योजना की शुरुआत, गांव में ही मिलेगा अधिक रोजगार, 2047 तक विकसित ग्राम पंचायत बनाने का लक्ष्य
बस्ती ।ग्रामीण विकास और रोजगार व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की शुरुआत करते हुए कप्तानगंज विकासखंड में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण ‘VB-G RAM G’ योजना का विधिवत शुभारंभ किया गया। ग्राम पंचायत सड़वलिया और महुआ लखनपुर से शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना के साथ ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को नया स्वरूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। योजना के शुभारंभ के साथ ही 20 श्रमिकों को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराया गया, जिससे मजदूर परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण रतन त्रिपाठी ने बताया कि नई योजना के तहत मजदूरी दर में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे ₹252 से बढ़ाकर ₹300 प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं रोजगार की गारंटी भी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को वर्षभर अधिक आय का अवसर मिलेगा।उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु में खेती-किसानी के दौरान किसानों के हितों की रक्षा के लिए 60 दिनों तक कार्य स्थगित रहेगा, जिसकी अवधि राज्य सरकार निर्धारित करेगी। इसके साथ ही विकास के मानकों के आधार पर ग्राम पंचायतों का A, B और C श्रेणी में वर्गीकरण किया जाएगा तथा वर्ष 2047 तक विकसित ग्राम पंचायत तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।सचिव अरविन्द चौधरी ने बताया कि श्रमिकों की मजदूरी अब सात दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे भुगतान व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि नई योजना में केवल मिट्टी भराई जैसे पारंपरिक कार्यों तक सीमित न रहकर जल संरक्षण, सिंचाई, सड़क, पुलिया, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र तथा अन्य स्थायी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे गांवों का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा।अधिकारियों ने बताया कि नए रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक पुराने जॉब कार्ड पूरी तरह मान्य रहेंगे तथा वर्तमान में संचालित सभी कार्य स्वतः नई योजना के अंतर्गत शामिल कर दिए जाएंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि पहले रोजगार की तलाश में उन्हें महानगरों और दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही अधिक दिनों तक काम मिलने से पलायन पर रोक लगेगी, परिवार के साथ रहकर रोजगार मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
शुभारंभ कार्यक्रम में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण रतन त्रिपाठी, सचिव अरविन्द चौधरी, तकनीकी सहायक जयराम, पंचायत सहायक सुनीता देवी, महिला मेट किरण, लता देवी, संतोष कुमारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रमिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस योजना को गांवों के विकास और श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।