विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली में ईश्वर चंद्र विद्यावाचस्पति
मनकापुर (गोंडा): मेंहदावल संतकबीरनगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक वरिष्ठ कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति को विश्व पुस्तक मेला प्रगति मैदान, नई दिल्ली में हिन्दी श्री पब्लिकेशन के मंच पर कवयित्री संजुला और सोनिया द्वारा पुष्पगुच्छ देकर स्वागत और अभिनंदन किया गया l मंच पर काव्य पाठ के पश्चात् कवि आर डी गौतम द्वारा उन्हें काव्य पुस्तक ‘नजरों के सामने’ देकर सम्मानित किया गया l इसके संयोजक हिन्दी श्री प्रकाशन के संस्थापक कवि आनंद जी थे l कार्यक्रम की अध्यक्षता संजुला ने की, मुख्य अतिथि के रूप वरिष्ठ कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति ही उपस्थित रहीl इस कार्यक्रम में दस कवियों-कवयित्रियों ने काव्य पाठ करके खूब तालियां बटोरी l कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करते हुए ईश्वर चन्द्र ने पढ़ा…
पुस्तक मेला विश्व का, सजा हुआ है देख l पुस्तक सभी खरीद कर, करते हैं उल्लेख ll सभी लोगों की कविताएँ बहुत सराही गईं l
जबकि अगले दिन 10 जनवरी से 19 जनवरी तक) में वाणी प्रकाशन के मंच पर प्रसिद्ध कथाकार और पहल पत्रिका के संपादक स्व. ज्ञान रंजन को श्रद्धांजलि देते हुए पढ़ा……..
दिव्य ज्ञान रंजन रहे, लिये लेखनी हाथ।
हार्दिक श्रद्धांजलि उन्हें, चलो झुकायें माथ।।
इसी मंच पर काव्य पाठ के पश्चात् युवा लेखक सलमान गोरखपुरी की पुस्तक “किस्से फ़िराक़ के” का विमोचन भी कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति ने किया।
उनकी इस उपलब्धि पर वरिष्ठ काव्य प्रेमी कवियों यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव, डा. शिवनाथ सिंह शिव, खालिद लखनवी, राम हौसला शर्मा, सतीश आर्य, बृजराज श्रीमाली, उदय दुबे, राजेश मिश्र, केदारनाथ मिश्र, डॉक्टर अमित यादव,संध्या पांडेय तथा राम कुमार नारद, गिरिराज सिंह, बलवंत सिंह, मोहर नाथ मिश्रा, गोपालजी मिश्रा, संत प्रसाद,राजेन्द्र हंस, ब्रह्म नाथ पांडेय मधुर, अंबर बस्तवी, श्याम कार्तिकेय, राजेश मृदुल, अजीत यादव, छेदी लाल वर्मा, परदेसी आदि ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है l