जेलर अरुण कुशवाह के सहयोग से गौ-सेवा और बच्चों को खाद्य सामग्री का वितरण; समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का दिलाया संकल्प
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या/गोरखपुर। मानवीय संवेदना और समाजसेवा की एक प्रेरक मिसाल पेश करते हुए जवाहिर चंद्रावती सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. अनुराधा मौर्या (शालिनी मौर्या) ने गोरखपुर जिला कारागार में सराहनीय सेवा कार्य संपन्न कराया। माननीय जेलर श्री अरुण कुशवाह के विशेष सहयोग और मार्गदर्शन में डॉ. मौर्या के प्रयासों से आज दो बंदियों को कारागार से रिहा कराया गया।
मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प
रिहाई के अवसर पर डॉ. अनुराधा मौर्या ने दोनों बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक जीवन जीने और भविष्य में अपराध से दूर रहने का संकल्प दिलाया। जेल प्रशासन ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए इसे बंदियों के पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। गौ-सेवा और बच्चों का उत्साहवर्धन इस सेवा कार्यक्रम के दौरान जेल परिसर में डॉ. मौर्या के नेतृत्व में गौ-सेवा की गई। इसके साथ ही, जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे बच्चों को बिस्कुट, चॉकलेट, टॉफी और कुरकुरे जैसे खाद्य सामग्री वितरित की गई, जिससे बच्चों के चेहरे खिल उठे। मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों की सुध ली डॉ. अनुराधा मौर्या ने जेल अस्पताल का भी भ्रमण किया। वहां भर्ती मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों को फल, बिस्कुट और ब्रेड प्रदान कर उनका हाल-चाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
जेलर ने की सराहना
कार्यक्रम के दौरान जेलर श्री अरुण कुशवाह ने कहा कि ऐसे सामाजिक प्रयास बंदियों के भीतर आत्मविश्वास जगाते हैं और उनमें सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होते हैं। उन्होंने ट्रस्ट के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
इस अवसर पर जवाहिर चंद्रावती सेवा ट्रस्ट के मंत्री धीरज सिंह, विधायक श्री एम. सिंह की धर्मपत्नी संजू सिंह, उनके पुत्र सुधांशु सिंह और प्रज्वल सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जेल प्रशासन ने डॉ. मौर्या के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आभार व्यक्त किया।