जीवन में किताबों के साथ-साथ गुरु का सानिध्य बहुत जरूरी है : जिला जज

 

बस्ती:  जीवन में एक योग्य अधिवक्ता बनने के लिए पुस्तकों के पढ़ने के साथ-साथ गुरु का सानिध्य आवश्यक है, बहुत सारे चीज जो हम पढ़कर सीखते हैं उन्हें गुरु का अनुसरण कर और आसानी से सीखा जा सकता है। यह बातें जिला जज शमसुल हक ने सिविल बार एसोसिएशन हाल में अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं। सिविल बार के पुस्तकालय के सौंदर्यीकरण के बाद उसका शुभारंभ कर अधिवक्ताओं द्वारा आयोजित नववर्ष मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। जिला जज ने कहा कि जूनियर अधिवक्ता अपने गुरुओं का सानिध्य अवश्य प्राप्त करें। मैं भी अपने शुरुआती जीवन में वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा बोले जाने वाले कानून को लिख लिया करता था। मोबाइल के युग में सब कुछ नेट पर उपलब्ध है, परंतु विशुद्धता के लिए पुस्तक का पढ़ना जरूरी है। अपर जिला जज शिवचंद ने कहा कि न्यायाधीश व अधिवक्ता को अपनी सफलता के लिए जीवन पर्यंत पढ़ते रहना है। अपर जिला जज जेबा ने कहा कि एक सुयोग्य अधिवक्ता बनने के लिए सुदृढ़ पुस्तकालय आवश्यक है। न्यायाधीश रामकरण यादव ने अदालत में तैयारी के साथ जाने की सलाह दी। न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने कहा कि सफलता के लिए पुस्तकालय में समय देना जरूरी है। कार्यक्रम को न्यायाधीश विनोद कुमार, आशीष कुमार राय, आरिफ मोहम्मद,अभिषेक जायसवाल,यशी पांडेय, सत्यभामा कौशिक, आकाश व अधिवक्ता भारत भूषण वर्मा,रमाशंकर पांडे, वीरेंद्र नाथ पांडेय ने संबोधित किया। संचालन चिंतामणि पांडेय ने किया। अतिथियों के प्रति स्वागत संबोधन एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने किया। धन्यवाद महामंत्री मारुत कुमार शुक्ला ने ज्ञापित किया। समाजसेवी व अधिवक्ता रामकृपाल चौधरी ने न्यायाधीशों व वरिष्ठ अधिवक्ताओं को अंगवस्त्र भेंट किया। कार्यक्रम में न्यायाधीश सबीहा खातून ,देवेंद्र कुमार ,राजू, सोनाली मिश्रा ,पीयूष कुमार स्नेहा पाल ,आभा रानी, अंकित, स्नेहिल श्रीवास्तव व वरिष्ठ अधिवक्ता गंगा प्रसाद श्रीवास्तव, रामशरण चौबे, प्रेमचंद श्रीवास्तव, जगदीश प्रसाद पांडेय, जवाहरलाल मिश्र, जंग बहादुर सिंह, सूर्य देव यादव,सिद्धार्थ शुक्ला, मारूफ,अजय द्विवेदी, एडब्लुसी के अध्यक्ष जितेंद्र नाथ शुक्ल समेत अन्य तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।