लखनऊ प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें जून माह के दौरान किसानों के हित में संचालित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और सतत कृषि को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचे।उन्होंने बताया कि आगामी 14 से 16 जून तक प्रदेश के सभी जनपदों में ‘कृषि मेला एवं आरोग्य मेला’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद 17 से 18 जून तक ‘प्राकृतिक खेती’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य किसानों को रसायन-मुक्त खेती के प्रति प्रोत्साहित करना है।कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सभी कृषि फार्मों और विभागीय कार्यालयों में गरिमापूर्ण तरीके से मनाया जाएगा। साथ ही 01 जून से 30 जून तक सभी राजकीय कृषि फार्मों पर ‘खेत बचाओ अभियान’ संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कृषि भूमि संरक्षण और जागरूकता बढ़ाना है।बैठक में गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के लिए गन्ना आधारित इंटरक्रॉपिंग (सह-फसली खेती) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत गन्ने के साथ मूंगफली, उर्द, मूंग, लोबिया, सरसों और भिंडी जैसी फसलों के प्रदर्शन प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही मृदा सुधार के लिए ढैंचा की विभिन्न प्रजातियों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि क्षेत्रीय प्रक्षेत्रों को मॉडल फार्म के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने धान बीज वितरण में लगे कर्मियों के मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने, कृषि शिक्षा का सब-मॉड्यूल तैयार कर मुख्यालय भेजने तथा कृषि यंत्रों की बुकिंग प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि इस वर्ष दलहन और तिलहन फसलों जैसे उर्द, मूंग, सोयाबीन और तिल के क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। संभावित सुपर एल-नीनो के प्रभाव को देखते हुए उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खेतों की मेड़ों पर वृक्षारोपण करें तथा अरहर की खेती को बढ़ावा दें। इसके साथ ही सब्जी फसलों जैसे बैंगन, मक्का, लोबिया और लौकी के उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के निदेशक टी.एम. त्रिपाठी तथा उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण के निदेशक टी.पी. चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।