काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच वाराणसी पंजीकृत की 185 वीं गोष्ठी में हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाई गई।
काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच वाराणसी पंजीकृत की 185 वीं गोष्ठी शनिवार को मेरे कार्यालय श्रीवास्तव म्युचुअल फंड, नियर हरिनगर चन्दुआ छित्तुपुरा में हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाई गई।
इस गोष्ठी की अध्यक्षता गोरखपुर से पधारे श्री सुनील मणि त्रिपाठी,उप प्रधानाचार्य, चीफ व्यूरो व पत्रकार, मुख्य अतिथि श्री सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध, संचालन मुनींद्र कुमार पाण्डेय मुन्ना व गजलकार गोपाल केशरी ने किया।
इस कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष भुलक्कड़ बनारसी ने अपने स्वागत गीत के माध्यम से स्वागत व अभिनन्दन किया, तदोपरान्त सरस्वती बन्दना टीकाराम शर्मा आचार्य ने कर कार्यक्रम की शुरुआत किया।
आज की गोष्ठी में उपस्थित कवियों और शायरों में हास्य व्यंग्य कवि भुलक्कड़ बनारसी, मुनींद्र पाण्डेय , फुर्तीला बनारसी, विमल बिहारी, दिनेश दत्त पाठक, जितेंद्र श्रीवास्तव टोपी, विजय चंन्द्र त्रिपाठी, आशिक बनारसी, सुबोध सिन्हा बच्चा बिहारी,आनंद कृष्ण मासूम, टीकाराम शर्मा आचार्य, राम जतन पाल, राकेश प्रसाद दूबे,वाहिद इकबाल लोहतवी, शैलेंद्र अमबष्ट, जमाल बनारसी, गणेश प्रहरी,परिंदा लोहतवी, सिद्धनाथ शर्मा,सुनील मणि त्रिपाठी इत्यादि रहे। आज की गोष्ठी में सभी रचनाकारों ने एक से बढ़ कर एक रचना का काव्य पाठ किया।
संस्था आज गोरखपुर से पधारे श्री सुनील मणि त्रिपाठी जी को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापित संस्था के अध्यक्ष भुलक्कड़ बनारसी ने किया उसके उपरांत अल्पाहार के बाद गोष्ठी को विश्राम दिया गया।
भुलक्कड़ बनारसी अध्यक्ष,
काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच, पंजीकृत, वाराणसी