170 जनहानि में  मृतक आश्रितों को 24 घंटे में दी गई ₹6.80 करोड़ की मुआवजा धनराशि

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश में आपदा से प्रभावित आश्रितों का दर्द साझा करने में प्रदेश की योगी सरकार ने संवेदनशील पहल की है। सरकार ने प्रदेश में बाढ़, सूखा, आकाशीय बिजली, लू और शीत लहर जैसी आपदाओं से निपटने के लिए तकनीकी की मदद ली है जिससे अब राहत वितरण अब त्वरित और पारदर्शी माध्यम से आश्रितों तक पहुंच रहा है ।
आपदा प्रबंधन में तकनीकी का उपयोग प्रभावी साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की संवेदनशील और तकनीक आधारित व्यवस्था के चलते अब आपदा पीड़ित (मृतक आश्रित परिवार ) परिवारों को मुआवजे के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ रहा है । प्राकृतिक, स्थानीय अथवा गैर-प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वालों के निकटतम आश्रितों को अब महज़ 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों को जल्द राहत मिल रही है। प्रयागराज मंडल में अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 के बीच विभिन्न कारणों से हुई 523 जन हानियों के मामलों में सरकार द्वारा ₹20.68 करोड़ की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। प्रयागराज की एडीएम एफ आर विनीता सिंह का कहना है कि जिले में इस अवधि में 170 जनहानि हुई जिसमें आश्रित परिवारों को ₹6.80 करोड़ मुआवजे की धनराशि 24 घंटे के अंदर वितरित की गई। इसमें भी बाढ़ में डूबने की वजह से सर्वाधिक 100 की जनहानि दर्ज की गई है।
इस अवधि में फतेहपुर जिले में 140 की जनहानि हुई जिसमें 5.60 करोड़ की मुआवजा राशि उन्हें 24 घंटे के अंदर वितरित की गई है। मंडल में प्रतापगढ़ जिले में 113 की जनहानि हुई जिसमें 4.50 करोड़ की मुआवजा राशि आश्रित परिवारों को त्वरित गति से वितरित की गई है। कौशाम्बी जिले में इस दौरान 94 जन हानियां दर्ज हुई हैं जिसमें 3.76 करोड़ की मुआवजा राशि आश्रित परिवारों को 24 घंटे के अंदर वितरित की गई है।