सम्मानित मंच नमन 🙏
विषय-तुलसी दिवस
।। हमारी तुलसी माँ ।।
तुलसी को तुम साधारण सा,
कोई पौधा मत समझना।
ये तो घर की कुलदेवी हैं,
इनके आगे शीश तुम झुकना॥
जिस घर में माँ तुलसी की,
पूजा होती रोज़ सवेरे।
मिट जाती हैं सब विपदाएँ,
छँट जाते हैं गम के अंधेरे॥
घर की नकारात्मक ऊर्जा को,
जो सोख स्वयं ले लेती हैं।
सकारात्मकता और शक्ति का,
वो अनुपम वरदान देती हैं॥
मेरी भी हैं तुलसी माँ,
मेरी माँ की भी हैं तुलसी माँ।
दादी की भी तुलसी माँ थीं,
बच्चों की भी हैं तुलसी माँ॥
पीढ़ी दर पीढ़ी जो हमसे,
अटूट नाता जोड़ती हैं।
आरोग्य और निरोग का,
जो अमृत-घड़ा फोड़ती हैं॥
पूरे जग को सुखमय जीवन,
देतीं जो वरदान स्वरूप।
वो हैं हमारी तुलसी मैया,
साक्षात ममता का ही रूप॥
शुभ तुलसी पूजन दिवस!
ज्योती वर्णवाल ✍️
नवादा (बिहार)