उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न हो और सभी मामलों का निस्तारण नियमानुसार यथाशीघ्र किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक संख्या में क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल सके।मंत्री ने मंगलवार को विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राजस्व विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए ग्राम पंचायतों के अवशेष तालाबों का शत–प्रतिशत पट्टा कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही मंडल और जिला स्तर पर रिवर रैंचिंग कार्यक्रमों को तेजी से पूरा करने पर बल दिया।उन्होंने मत्स्य पालक कल्याण कोष के भुगतान को समय पर सुनिश्चित करने के साथ-साथ मत्स्य दुर्घटना बीमा योजना का व्यापक विस्तार करने की आवश्यकता बताई। मंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को इस योजना के दायरे में लाया जाए और समितियों के गठन से संबंधित लंबित प्रस्ताव तथा अन्य शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।डॉ. निषाद ने कहा कि राज्य सरकार मत्स्य पालकों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। लक्ष्य सिर्फ मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी युवाओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक मत्स्य पालन को स्थायी रोजगार और मजबूत आर्थिक साधन के रूप में विकसित करना भी है। उन्होंने मत्स्य पालकों के लिए आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि वे किसी भी प्रकार की आर्थिक हानि से बचें और उत्पादन बढ़ा सकें।बैठक में पीएमएमएसवाई, किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा, प्रगति रिपोर्ट, फेडरेशन एवं कोऑपरेशन से जुड़ी अद्यतन स्थितियों, रिवर रैंचिंग के बीज वितरण और गुणवत्ता, निषादराज बोट योजना तथा लाभार्थियों की स्थिति पर विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में प्रमुख सचिव मत्स्य विकास मुकेश मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं के लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग की योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।इस समीक्षा बैठक में महानिदेशक मत्स्य धनलक्ष्मी के., निदेशक एन.एस. रहमानी, उप निदेशक पुनीत कुमार, एजाज अहमद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।