महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या, 18 नवंबर 2025 उत्तर प्रदेश विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज कलेक्ट्रेट सभागार, अयोध्या में समिति के सभापति माननीय श्री हरि ओम पाण्डेय जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विधान परिषद की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न नियमों, विनियमों एवं उपनियमों के संशोधन, अद्यतन और सरलीकरण पर विचार-विमर्श करना था, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में प्रभावशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके संसदीय परंपराओं पर जोर
सभापति श्री हरि ओम पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा कि “संसदीय परंपराओं की मर्यादा और कार्यक्षमता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। नियमों का समय-समय पर पुनरीक्षण लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने बताया कि समिति द्वारा सुझाए गए एवं अनुशंसित विषयों को अंतिम रूप देकर आगामी सत्र में परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जन प्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता बैठक में जनपद अयोध्या और बाराबंकी के पुलिस, राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आबकारी, पशुपालन, मत्स्य सहित विभिन्न विभागों की रिपोर्टों की विस्तृत समीक्षा की गई।
समिति ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि माननीय जन प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाए। उनके क्षेत्रों में कराए जा रहे कार्यों में जन प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। शून्य रिपोर्ट पर सख्त निर्देश सभापति ने संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से उन विभागों के लिए सख्त निर्देश दिए जिन्होंने ‘शून्य’ रिपोर्ट प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि ये सभी विभाग पुनः अनुश्रवण करते हुए अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजें और समिति की आगामी बैठकों में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें। बैठक में समिति के माननीय सदस्य श्री शैलेंद्र प्रताप सिंह, श्री के0पी0 श्रीवास्तव, माननीय विधायक गोसाईगंज श्री अभय सिंह, माननीय विधायक मिल्कीपुर श्री चंद्रभानु पासवान, समिति के उप सचिव श्री संजय कुमार अग्रहरी, मुख्य विकास अधिकारी बाराबंकी श्री अन्ना सुदन, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अयोध्या श्री अनिरुद्ध प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।