अयोध्या से प्रयागराज: ‘रोजगार दो – सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा को जनसमर्थन, AAP सांसद संजय सिंह ने उठाई आवाज़

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या, 13 नवंबर 2025। आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार और दलित, शोषित व वंचितों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए शुरू की गई ‘रोजगार दो – सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा का गुरुवार को दूसरा दिन रहा। यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में यह 13 दिवसीय यात्रा अयोध्या के चांदपुर, हरबंशपुर, और धबासेमर से शुरू होकर कल्याण भदरसा होते हुए बीकापुर पहुँची। जगह-जगह जोरदार स्वागत
लगभग 200 किलोमीटर की यह पदयात्रा (जो अयोध्या से शुरू होकर सुल्तानपुर और अमेठी होते हुए प्रयागराज पहुँचेगी) दूसरे दिन जबरदस्त जनसमर्थन के बीच आगे बढ़ी। नहरिया चौकी पहुँचने पर अजीत सिंह और सैकड़ों आप समर्थकों ने सांसद संजय सिंह का ज़ोरदार स्वागत किया। इसके बाद मसौदा में सागर शर्मा, रोडवेज वर्कशॉप के सामने राम प्रताप यादव, भरतकुंड में अशोक कुमार गोंद, पिपरी जलालपुर में विनोद कुमार रावत और शाहगंज मोड़ पर आलोक द्विवेदी ने स्थानीय जनता के साथ मिलकर पदयात्रा का अभिनंदन किया। बेरोजगारी और आर्थिक संकट पर सांसद सिंह का प्रहार
सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में व्याप्त बेरोजगारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का वह राज्य बन गया है, जहाँ बेरोजगारी चरम पर है और देश में सबसे अधिक बेरोजगार इसी प्रदेश में हैं। सिंह ने कहा कि संकट केवल सरकारी नौकरियों की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान अपनी फसल का उचित दाम न मिलने, खाद की लाइन में जान गँवाने और कर्ज के बोझ से आत्महत्या को मजबूर हैं।बुनकर, कुटीर और लघु उद्योग से जुड़े लोग भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। आशा बहुएं, आंगनबाड़ी, शिक्षा मित्र, अनुदेशक आज भी नियमितीकरण की प्रतीक्षा में हैं।
शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले और टीईटी परीक्षा की बाध्यता जैसी व्यापक असमानताएँ हैं। छोटे-छोटे उद्योग बंद हो रहे हैं, जिससे युवाओं के सामने रोजगार का गहरा संकट है। सामाजिक न्याय की मांग और भेदभाव के मुद्दे पदयात्रा के दूसरे प्रमुख मुद्दे, सामाजिक न्याय पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सामाजिक भेदभाव और अन्याय के मामलों में भी देश में शीर्ष पर है।
उन्होंने जोर देकर कहा आज भी दलित समाज के लोगों के साथ मंदिरों, शादियों और सार्वजनिक स्थानों पर भेदभाव की घटनाएँ सामने आ रही हैं। आरक्षण में हेराफेरी की घटनाएँ आम हैं। पुलिस थाने से लेकर तहसील तक न्याय की सुनवाई के लिए कोई दरवाज़ा खुला नहीं है।
जनता के हक की लड़ाई: एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं
सांसद संजय सिंह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि यह पदयात्रा एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के हक़ और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा, “जब तक हर हाथ को रोजगार और हर नागरिक को बराबरी का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।”
संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि इस पदयात्रा में उठा एक कदम बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए है, तो दूसरा कदम दलित, पिछड़े, शोषित और वंचित समाज को उसका जीने का हक दिलाने के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे अपने घरों से बाहर निकलें और इस अन्याय के खिलाफ़ पदयात्रा में शामिल होकर तानाशाह सरकार को बता दें कि समान अवसर और सम्मान का हक़ अब कोई नहीं रोक सकता। AAP ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है जहाँ हर नौजवान को सम्मानजनक रोजगार मिले और किसी भी प्रकार का जातीय भेदभाव न हो।