पूर्वी उत्तर प्रदेश में ‘मोंथा’ तूफान का असर, किसानों की चिंता बढ़ी

कलवारी / बस्ती ( अनुराग लक्ष्य न्यूज ) पूर्वी उत्तर प्रदेश में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर साफ नजर आने लगा है। बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, गोरखपुर सहित कई जिलों में लगातार बदलते मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सोमवार से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाओं ने धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ी फसल झुक गई है, नमी और लगातार गीली मिट्टी के कारण दाने काले पड़ने लगे हैं।

 

बस्ती जनपद के कलवारी क्षेत्र के शेखपुरा, उमरिया, भेड़वा, सोनिया, कटोरिया, सेमराचीगंज और नौली गांवों में फसलों की स्थिति बेहद खराब है। किसानों का कहना है कि जो फसल पक चुकी थी, वह कटाई के इंतजार में थी, लेकिन बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। कुछ किसानों ने बताया कि जो धान की फसलें पहले ही कट चुकी थीं, वे भी पूरी तरह से सूख नहीं पाईं। सुखाने की पर्याप्त जगह न होने के कारण फसलें अब सड़ने लगी हैं। नीचे की परत में धान में अंकुरण शुरू हो गया है, जिससे धान पूरी तरह से खराब हो रहा है।

 

स्थानीय किसान जयशंकर, जगदंबिका प्रसाद, अंगद सिंह और राम अवतार ने बताया कि पिछेती किस्म की फसलें अब सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। अगर अगले 24 घंटे तक बारिश और हवा का सिलसिला जारी रहा, तो पूरी फसल नष्ट हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फसल का सर्वे कराया जाए और नुकसान की भरपाई के लिए राहत सहायता दी जाए।

 

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। किसान फिलहाल आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं, क्योंकि थोड़ी सी और बरसात उनकी छह महीने की मेहनत पर पानी फेर सकती है। मौसम की यह दोहरी मार — एक ओर तेज हवा और दूसरी ओर लगातार नमी — किसानों के लिए भारी संकट लेकर आई है।