परिक्रमार्थियों की सेवा में अवध इलेक्ट्रोपैथिक ने लगाया निशुल्क सेवा कैम्प महंत विजय दास ने किया शुभारंभ,

 

दिया ‘सेवा ही सच्ची साधना’ का संदेश डॉ. संतोष पांडेय

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धर्म नगरी अयोध्या में चौदह कोसी परिक्रमा के पावन अवसर पर सेवा और समर्पण की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए अवध इलेक्ट्रोपैथिक द्वारा कंचन भवन के सामने एक भव्य निशुल्क सेवा कैम्प का आयोजन किया गया।
कैम्प का शुभारंभ कंचन भवन पीठाधीश्वर महंत विजय दास और वैदेही वल्लभ शरण के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामयाः” का सामूहिक उच्चारण वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता रहा। उत्कृष्ट सुविधाओं का प्रबंध इस सेवा कैम्प में परिक्रमार्थियों की सुविधा के लिए विश्राम, दवा, मलहम पट्टी जैसी उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई थीं। जानकारी के अनुसार, हजारों श्रद्धालुओं ने दवा वितरण का लाभ लिया और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष के साथ परिक्रमा पथ पर आगे बढ़े। कंचन भवन के महंत विजय दास ने सेवा के महत्व को बताते हुए कहा, “परिक्रमा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जनसेवा का अवसर है।” उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रोपैथी एक प्रथम पूर्व हर्बल शिक्षा पद्धति है। ‘सेवा ही सच्ची साधना’ कानपुर देहात से आई मेमोरियल मेडिकल इंस्टिट्यूट एंड हॉस्पिटल की टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. संतोष कुमार पांडे ने बताया कि यह कैम्प कई वर्षों से लगाया जा रहा है, जिसमें परिक्रमा में आए हुए सभी श्रद्धालुओं को दवा और मलहम लगाया जाता है। उन्होंने “सेवा ही सच्ची साधना है” का संदेश देते हुए कहा, “परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा ही हमारा धर्म है। सेवा भाव से किया गया प्रत्येक कार्य प्रभु श्रीराम को समर्पित है।”
दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ कैम्प में उमड़ती रही और राम नाम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कैम्प को सफल बनाने में कंचन भवन पीठाधीश्वर महंत विजय दास, वैदेही वल्लभ शरण, अजय मुख्तार हनुमान गढ़ी, डॉ. संतोष सिंह चौहान कानपुर देहात, अजय पांडे, साकेत, सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक निष्ठा से जुटे रहे।