अनुराग उपाध्याय की रिपोर्ट
प्रतापगढ़ (परानूपुर/श्रृंगवेरपुर धाम)। परानूपुर स्थित श्रृंगवेरपुर धाम में चल रही नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के चौथे दिन मंगलवार को भारी संख्या में श्रद्धालु भक्ति के रंग में डूब गए। कथावाचक पूज्य राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम की मनमोहक बाल लीलाओं, माता अहिल्या के उद्धार और मिथिला पुरी में हुए धनुष यज्ञ का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान पंडाल ‘जय श्रीराम’ के जयघोषों से गूंज उठा।
गृहस्थ जीवन में भी संभव है प्रभु स्मरण:
कथा के दौरान राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ के रूप में पूजनीय बताया, जिन्होंने सदैव धर्म की रक्षा और सत्य की स्थापना की। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ईश्वर की साधना के लिए सांसारिक त्याग आवश्यक नहीं है। “गृहस्थ या व्यवसायी व्यक्ति भी अपने कार्यों को करते हुए प्रभु का स्मरण कर सकता है,” उन्होंने कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब साधक सच्चे मन से भक्ति करता है, तो ईश्वर स्वयं उसकी ओर अग्रसर होते हैं।
अहिल्या उद्धार बना आस्था का प्रतीक:
राजन जी महाराज ने गुरु विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा यज्ञ की रक्षा हेतु ताड़का और सुबाहु जैसे राक्षसों के वध की कथा सुनाई। इसके बाद उन्होंने माता अहिल्या को शिला रूप से मुक्त कर नया जीवन देने की घटना का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा, “यह घटना इस बात का प्रतीक है कि भगवान बिना किसी कारण के भी अपनी अहैतुकी कृपा बरसाते हैं।”
सीता-राम का नयन-मिलन और धनुष यज्ञ:
अहिल्या उद्धार के उपरांत, गुरु विश्वामित्र भगवान श्रीराम को मिथिला पुरी ले गए। कथावाचक ने पुष्प वाटिका में भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रथम ‘नयन-मिलन’ का सुंदर वर्णन किया, जिसने भक्तों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद जनकपुरी के धनुष यज्ञ प्रसंग का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब-जब संसार में अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब-तब प्रभु अवतार लेकर धर्म की पुनः स्थापना करते हैं।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, भक्ति में डूबा पंडाल:
कथा के दौरान भजनों ने भक्तिमय वातावरण में चार चाँद लगा दिए। जैसे ही राजन जी महाराज ने भजन— “न मन में है तो न मन में मिलेगा, न पाताल में न गगन में मिलेगा, नारद की वीणा कहती युगों से—मेरा राम केवल भजन में मिलेगा” सुनाया, पूरा पंडाल जयघोषों से झूम उठा। इसके अलावा “दयालु हैं मेरे राघव जी, आते रहेंगे” जैसे मधुर भजनों पर भी श्रद्धालु मग्न होकर नाचते दिखे।
आयोजक आनंद पांडेय ने बताया कि श्रीराम कथा में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं और आने वाले दिनों में भी यह आयोजन इसी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ जारी रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था का अधिकारियों ने लिया जायजा:
कथा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में एएसपी पश्चिमी बृजनन्दन राय और सीओ कुंडा अमरनाथ गुप्ता ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और भीड़ नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। स्थानीय नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।