महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। अयोध्या के श्री बड़ा भक्तमाल आश्रम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति ने इस वर्ष की ऐतिहासिक रामलीला की घोषणा की। यह भव्य आयोजन 20 सितंबर से 4 अक्टूबर 2025 तक स्वामी भगवदाचार्य स्मारक सदन में होगा।
समिति के अध्यक्ष स्वामी भगवदाचार्य, उपाध्यक्ष स्वामी अवधेश कुमार दास और महामंत्री स्वामी संजय दास महाराज ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की रामलीला में देश के उत्कृष्ट कलाकार शामिल होंगे, जिसका उद्देश्य दर्शकों को एक अविस्मरणीय और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। रामलीला के प्रमुख मंचन
रामलीला का शुभारंभ 20 सितंबर को नारद मोह और रावण जन्म के साथ होगा। इसके बाद, प्रमुख प्रसंगों का मंचन निम्नलिखित तिथियों पर किया जाएगा 21 सितंबर: राम जन्म और मुनि आगमन 22 सितंबर: पुष्पवाटिका (फुलवारी लीला) 23 सितंबर धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद 24 सितंबर सीताराम विवाहोत्सव 25 सितंबर कैकेई कोपभवन 26 सितंबर निषाद मिलन 27 सितंबर जयंत-नाककट्टैया 28 सितंबर बालि वध और लंका दहन 29 सितंबर विभीषण शरणागति 30 सितंबर अंगद-रावण संवाद 1 अक्टूबर कुंभकरण वध 2 अक्टूबर अहिरावण वध 3 अक्टूबर: भरत मिलाप (शोभा यात्रा) 4 अक्टूबर राज्याभिषेक और बंदरों की विदाई (समापन) प्रेस कॉन्फ्रेंस में महंत हेमंत दास, महंत अवधेश दास, महंत संजय दास, जनमेजय सरण दास महाराज, महंत राघवाचार्य महाराज और महंत धनुषधारी शुक्ला जैसे कई प्रमुख संत भी मौजूद रहे। समिति के पदाधिकारियों ने सभी मीडिया कर्मियों से इस आयोजन को जन-जन तक पहुँचाने की अपील की ताकि अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्व का हिस्सा बन सकें।