मुखलिसपुर भूमि विवाद: व्यापार मंडल ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन
वैध हिस्से के निर्धारण से पहले बेदखली पर रोक लगे: व्यापार मंडल
बैंक कर्मियों और तहसील प्रशासन की भूमिका पर सवाल, पारदर्शी कार्रवाई की मांग
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर। ग्राम मुखलिसपुर, तहसील धनघटा स्थित गाटा संख्या 580 एवं 581/1 से जुड़े भूमि विवाद के मामले में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (पंजी.) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार अग्रहरि द्वारा दिए गए पत्र में बताया गया है कि संगठन के संज्ञान में ग्राम मुखलिसपुर निवासी दशरथ गुप्ता एवं गंगेश्वर का प्रकरण आया है, जो संयुक्त संपत्ति एवं सहस्वामित्व से जुड़ा हुआ है। इस विवाद के चलते उनके वैध अधिकार प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संबंधित व्यक्तियों का कहना है कि वे ऋण के न तो उधारकर्ता हैं और न ही गारंटर, इसके बावजूद उनके हिस्से को प्रभावित करते हुए बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी प्रशासनिक या न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि कानून के अनुरूप सभी पक्षों को न्याय दिलाना है।
संगठन ने इस पूरे मामले में बैंक कर्मचारियों एवं तहसीलदार धनघटा की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रार्थियों के वैध हिस्से का विधिसम्मत निर्धारण एवं पृथक्करण किए बिना किसी भी प्रकार की बेदखली या कब्जा दिलाने की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि नीलामी या कब्जा दिलाने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की विधिक त्रुटि सामने आती है, तो उसका परीक्षण कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए।
जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार अग्रहरि ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और आमजन का प्रशासन एवं न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। ज्ञापन पर श्रवण कुमार अग्रहरि के हस्ताक्षर हैं।