मुख्य सचिव चिकित्सा,स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज अम्बेडकर नगर का किया निरीक्षण

अम्बेडकरनगर।उच्च न्यायालय प्रयागराज के दिशा निर्देशानुसार दिनाक 10 जून को पार्थ सारथी सेन शर्मा, मुख्य सचिव चिकित्सा,स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा प्रदेश के मेडिकल कालेजों में सुविधाओं को गुणवत्ता पूर्ण बनाने के क्रम में आज महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज अम्बेडकर नगर का निरीक्षण किया गया। मुख्य सचिव लगभग 2 बजे के चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचे जहां उनका स्वागत प्रधानाचार्य डॉ.मुकेश यादव व उप प्रधानाचार्य डा. उमेश वर्मा ने किया साथ में चिकित्सा अधीक्षक डा. मुकुल सक्सेना सह चिकित्सा अधीक्षक डा.अमित गुप्ता एवम विभागाध्यक्ष फार्माकोलॉजी डा. संजय सिंह भी रहे, तदोपरांत उन्होंने सबसे पहले एकेडमिक ब्लॉक में लेक्चर थियेटर का अवलोकन किया उसके बाद हॉस्पिटल ब्लॉक में क्रमश इमरजेंसी, इमरजेंसी आई सी यू, मेडिकल आईसीयू में सुविधाओं को परखा और मरीजों से बात की जहा पर डा राजेश यादव नोडल आपातकालीन विभाग ,डा.राकेश कुमार नोडल इमर्जेसी आईसीयू एवम डा. बृजेश कुमार विभागाध्यक्ष मेडिसिन ने क्रमश जानकारी दी। रेडियोलोजी विभाग में सी टी स्कैन व एम आर आई के बारे में जानकारी ली जहां उनको विभाग में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के बारे में नोडल रेडियोलोजी डा. विवेक श्रीवास्तव के द्वारा बताया गया। इसके बाद मुख्य सचिव स्त्री एवम प्रसूति रोग विभाग पहुंचे जहा उन्होंने मरीजों से बात किया वार्ड में उन्हें जानकारी डा. प्रिया सिंह साहायक आचार्य स्त्री एवम प्रसूति रोग के द्वारा दी गई। इसके आगे ने एन आईसीयू में नवजात शिशुओं को मिलने वाली सुविधा के बारे में विभागाध्यक्ष एवम सह आचार्य डॉ अमित गुप्ता बाल रोग के द्वारा बताया गया। मुख्य सचिव ने इसके बाद बालिका छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा और मेस की सुविधा का अवलोकन किया और निर्देश दिया की कैमरा की स्क्रीन बाहर गेट पर लगे साथ ही वहा पर मिलिट्री गार्ड की तैनाती हेतु निर्देश दिया। बालिका छात्रावास के उपरान्त बालक छात्रावास भी गए और अंत में एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के नवनिर्मित सभागार में उपस्थित सभी नोडल अधिकारियों, विभागाध्यक्षों एवम् संकाय सदस्यों के साथ बैठक किया जिसमे सभी मुद्दों पर बिंदूवार चर्चा की गई और मुख्य सचिव महोदय द्वारा अपने बहुमूल्य सुझाव दिए गए। जिसमे मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार के साथ साथ सभी की सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरों की उपयोगिता पर बल दिया साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए।