लखनऊ स्थित बलरामपुर चिकित्सालय में मंगलवार को चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ उत्तर प्रदेश की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता महासंघ के प्रधान महासचिव अशोक कुमार ने की। बैठक में प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों को भरने और स्थानांतरण सत्र में नीतिगत बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया गया।बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि विभाग में रिक्त पदों की तत्काल भर्ती की जाए ताकि आमजन को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही यह मांग भी प्रमुखता से उठी कि पैरामेडिकल स्टाफ को भी चिकित्सकों और नर्सिंग संवर्ग की तरह सेवा काल के आधार पर स्थानांतरण की बाध्यता से मुक्त रखा जाए।महासंघ की ओर से प्रमुख सचिव और महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश को भेजे गए पत्र में यह आग्रह किया गया कि वर्तमान में प्रदेश में भीषण गर्मी और संभावित कोविड संक्रमण के चलते चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में चिकित्सकीय सेवाओं में तैनात कर्मचारियों को अनावश्यक स्थानांतरण से राहत दी जाए ताकि वे बिना मानसिक दबाव के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।बैठक में कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन से कपिल वर्मा, अरुण अवस्थी, रजत और श्रवण सचान; लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन से कमल श्रीवास्तव व सुनील कुमार; राजकीय नर्सेज संघ से मनीषा, महेंद्र नाथ श्रीवास्तव, जितेंद्र बहादुर सिंह, गीता शु वर्मा और अमिता रौस; राजकीय ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश से सर्वेश पाटिल; एक्स-रे टेक्नीशियन एसोसिएशन से राम मनोहर कुशवाहा व दिलीप कुमार और डार्क रूम सहायक संवर्ग से भानु राय इस बैठक में प्रमुख रूप से मौजूद रहे।बैठक में लिए गए निर्णयों से उम्मीद की जा रही है कि इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि कर्मचारियों के हितों की भी रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। महासंघ ने इस दिशा में जल्द से जल्द ठोस नीतिगत पहल की मांग की है।