लखनऊ विकास प्राधिकरण में गुरुवार को आयोजित प्राधिकरण दिवस/जनता अदालत के दौरान आवंटियों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर कुल 42 प्रकरणों पर सुनवाई हुई। इनमें से 11 मामलों का तत्काल मौके पर निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में निर्धारित समय-सीमा के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने की और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि प्राधिकरण भवन के कमेटी हॉल में आयोजित इस जनसुनवाई का उद्देश्य आवंटियों की शिकायतों का प्राथमिकता पर निस्तारण करना था। विभिन्न आवासीय क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें नामांतरण, रजिस्ट्री, अवैध निर्माण और भूमि पर कब्जे से जुड़े मामले प्रमुख रहे।तेलीबाग, खुर्रमनगर निवासी गोकरणनाथ यादव ने शिकायत की कि काका मार्केट के पीछे कुछ लोगों ने अवैध व्यावसायिक निर्माण शुरू कर दिया है, जिसे पहले प्रवर्तन टीम ने सील कर पीजीआई पुलिस की निगरानी में सौंपा था। अब विपक्षी फिर से निर्माण कार्य करा रहे हैं। इस पर प्रवर्तन ज़ोन-2 के जोनल अधिकारी को तत्काल निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।जानकीपुरम विस्तार निवासी अर्जुन सिंह ने रजिस्ट्री न होने की शिकायत की, जिस पर संबंधित अधिकारी को 15 दिन के भीतर रजिस्ट्री सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं, बालू अड्डा, पीएन रोड स्थित संजय गांधी नगर में एक पार्क में अवैध कब्जे और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर मिली शिकायत पर प्रवर्तन व अभियंत्रण अनुभाग को सर्वे कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।गोमतीनगर निवासी मनीष कुमार अग्रवाल ने विशाल खंड में आवासीय भूखंड पर अवैध शराब की दुकान चलने की शिकायत की। इस पर प्रवर्तन ज़ोन-1 की टीम को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर प्रभारी मुख्य अभियंता नवनीत कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव सोम कमल सीताराम, विशेष कार्याधिकारी राजीव कुमार, जोनल अधिकारी माधवेश कुमार व अतुल कृष्ण सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।इधर, अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ एलडीए की कार्रवाई भी जारी रही। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर चिनहट और बिजनौर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। चिनहट के ग्राम जुग्गौर में 10 बीघा क्षेत्र में बिना ले-आउट स्वीकृति के विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया गया। प्रवर्तन ज़ोन-1 के अधिकारी विपिन कुमार शिवहरे ने बताया कि सड़क, नाली और बाउंड्री वॉल समेत सभी निर्माणों को जेसीबी की मदद से गिरा दिया गया।वहीं, बिजनौर रोड स्थित औरंगाबाद जागीर में लगभग 17,000 वर्गफीट क्षेत्र में बनाए जा रहे 17 रो-हाउस भवनों को प्रवर्तन ज़ोन-2 की टीम ने फिर से सील कर दिया। प्रभाकर सिंह ने बताया कि पहले ही इन्हें न्यायालय आदेश के तहत सील किया गया था, लेकिन बिल्डर द्वारा नए भवनों का निर्माण शुरू कर दिया गया था, जिसे देखते हुए दोबारा कड़ी कार्रवाई की गई।लखनऊ विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।