लखनऊ, मंडलायुक्त और नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह के निर्देश पर नगर निगम लखनऊ द्वारा आज सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत तहसील सदर स्थित ग्राम लौलाई में लगभग 0.503 हेक्टेयर भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये आंकी गई है।अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में नगर निगम की विशेष टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी। सम्पत्ति विभाग के प्रभारी अधिकारी संजय यादव के आदेश पर नायब तहसीलदार नीरज कटियार के नेतृत्व में नगर निगम लेखपालों—राकेश यादव, लालू प्रसाद, आलोक यादव और विनोद वर्मा—ने मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि पर प्रॉपर्टी डीलर द्वारा की गई अवैध प्लॉटिंग को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त कर दिया।सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल और नगर निगम के प्रवर्तन दल ने इस कार्रवाई में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह भूमि खसरा संख्या 157 में दर्ज है, जो नगर निगम के नाला खाते में शामिल है। इसमें से 0.250 हेक्टेयर क्षेत्र पर अस्थायी कब्जा किया गया था, जिसे आज मुक्त कराया गया।इसके अतिरिक्त, तहसील बीकेटी स्थित ग्राम गोयला की खसरा संख्या 409 में नगर निगम की खालिहान खाते की भूमि पर भी अवैध प्लॉटिंग की सूचना पर पूर्व में चिन्हित कार्रवाई की गई थी। संबंधित प्रॉपर्टी डीलरों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटा लिया।नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि खसरा संख्या 157 के शेष भाग में यदि कोई और अवैध कब्जा पाया गया तो उसके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में तहसील प्रशासन को पैमाइश हेतु पत्र प्रेषित किया गया है।आज की इस सख्त कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम जनता ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। नगर निगम ने भरोसा दिलाया है कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।