लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से आज श्रम एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता नव्व अनिल राजभर, मंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश ने की, जबकि मुख्यमंत्री के सलाहकार नव्व अवनीश अवस्थी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं, उद्योगों को अनुकूल वातावरण देने और श्रम कानूनों में किए गए सरलीकरण पर चर्चा हुई। प्रदेश में नये उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है, जिससे नए पंजीकृत होने वाले कारखानों और वाणिज्य प्रतिष्ठानों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। श्रम विभाग ने आगामी दिनों में प्रतिदिन 10 नए कारखानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन नव्व डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम् ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 26,915 कारखाने पंजीकृत हैं। वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में लगभग 14,000 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है, जबकि 70 वर्षों में 2017 तक केवल 13,000 कारखाने ही पंजीकृत किए गए थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान सरकार के दौरान औद्योगिक विकास को तेज गति मिली है।प्रदेश में नए उद्योगों को स्थापित करने की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए श्रमिकों की संख्या की सीमा को संशोधित किया गया है। अब पावर सहित 20 श्रमिक और पावर रहित 40 से अधिक श्रमिकों वाले कारखानों को पंजीकरण की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की सशर्त अनुमति दी गई है और ऐसे व्यवसायों में भी महिलाओं के कार्य करने का अवसर दिया गया है, जहां पहले प्रतिबंध था।सरकार ने रोजगार बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन की स्थापना का निर्णय लिया है। इस मिशन के तहत घरेलू और विदेशी बाजारों में रोजगार के अवसरों का सर्वेक्षण कर उन्हें इच्छुक अभ्यर्थियों तक पहुंचाया जाएगा। श्रम विभाग ने पहले भी मजदूरों को विदेशों में रोजगार दिलाने में सहायता की थी और भविष्य में भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। वर्तमान में जर्मनी में नर्सों और जापान में कार ड्राइवरों की मांग को देखते हुए वहां श्रमिकों को भेजने की योजना बनाई जा रही है।बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार नव्व के.वी. राजू, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन नव्व डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम्, विशेष सचिव नव्व कृणाल सिल्कू, अपर श्रमायुक्त नव्व नीलेश कुमार सिंह, नव्व सौम्या पांडे और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस समीक्षा बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की गई।