अयोध्या पहुंचे डॉ. मिथिलेश नागर की कथा, मे श्रद्धालुओं का ताता….

 

अयोध्या में इन दिनों डॉ. मिथिलेश नागर द्वारा आयोजित कथा के आयोजन में भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हैं। विशेष रूप से मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में भक्तगण अयोध्या पहुंचे हैं, जहां डॉ. मिथिलेश नागर ने अपने अद्भुत प्रवचन से सभी को मंत्रमुग्ध किया। संवाददाता से बातचीत में डॉ. मिथिलेश नागर ने अयोध्या के विकास पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि, “अयोध्या का संपूर्ण विकास हो रहा है, और सबसे बड़ी बात यह है कि भगवान श्रीराम का मंदिर अब बन चुका है। यह मंदिर कठोर संघर्षों और बड़े बलिदानों के बाद स्थापित हुआ है।” उन्होंने आगे कहा कि “सनातन संस्कृति कभी सरलता से नहीं बनती है, इसके लिए बड़े समर्पण की आवश्यकता होती है, और यही हमारी संस्कृति का परिचायक है। सदियों से यह परंपरा चली आ रही है।” वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय व्यक्त करते हुए डॉ. मिथिलेश नागर ने कहा कि, “भारत एक समय विश्वगुरु हुआ करता था। हमारे पास तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय थे, जिनका दुष्ट आक्रांताओं ने विनाश किया। इन विश्वविद्यालयों को आक्रांताओं ने जला दिया और ये कई सालों तक जलते रहे। इस दौरान हमारे तमाम धर्मग्रंथ ताम्रपत्र और भोजपत्रों में सुरक्षित थे, लेकिन जलने वाले भी जल गए, और हमारी संस्कृति आज भी जीवित है, जो दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति कर रही है।”उन्होंने योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाले भविष्य के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। डॉ. मिथिलेश नागर ने कहा, “आने वाले दिनों में मथुरा और काशी पर भी फैसले होंगे, और भारत अपने देवी-देवताओं के प्रति श्रद्धा अर्पित करना जारी रखेगा।” इस प्रकार, डॉ. मिथिलेश नागर के प्रवचन में अयोध्या के विकास, भारत की संस्कृति और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण विचार रखे गए, जो उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक रहे।