गीत
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राधे के तुम मीरा के तुम, मेरा कौन बताओ।
किसके द्वारे जाऊंँ कान्हा ,इतना नहीं सताओ।।
मृगतृष्णा सी डोल रही मैं, मेरी सुनो पुकार।
पास तुम्हारे आई मोहन, करो मेरा उद्धार।।
नैना मेरे तरस रहे हैं, अपना दरस दिखाओ
राधे के तुम मीरा के तुम, मेरा कौन बताओ।।
सुधा बनाया विष का प्याला, सबको प्रेम सिखाया।
चीर हरण से लाज बचाई रिश्ता प्रेम निभाया।।
मैं तो श्याम शरण हूं आओ, मुझको भी अपनाओ
राधे के तुम मीरा का तुम, मेरा कौन बताओ।।
त्याग चलूँ मैं साथ तुम्हारे, जग की मोह ये माया।
वन वन राधा को तुम खोजो , मुझ में श्याम समाया।
हृदय विराजे तुम हो मोहन, मुझको मत भरमाओ
राधे के तुम मीरा का तुम, मेरा कौन बताओ।।
अंजना सिन्हा “सखी “
रायगढ़