रामनगरी अयोध्या में विपुल शास्त्री महाराज की श्रीमद् भागवत कथा चल रही है, जिसमें गुजरात सहित भारत के विभिन्न प्रांतों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आए हुए हैं। विपुल कृष्ण महाराज ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कहा कि अयोध्या आना सौभाग्य की बात है और यहां पर श्रीमद् भागवत कथा सुनाना और भी सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि रामनगरी का गौरव भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद लगातार बढ़ता चला जा रहा है। यह सब योगी मोदी की सरकार की वजह से हो रहा है, जो भारत में मोदी सरकार आई है तब से अयोध्या का सहित पूरे भारत का विकास लगातार होता जा रहा है। विपुल कृष्ण महाराज ने कहा कि अयोध्या का विकास एक नए युग की शुरुआत है और यह भगवान राम की कृपा है कि यहां का विकास हो रहा है। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम क्यों है इस पर उन्हें जवाब देते हुए कहा कि भगवान राम ने एक विवाह कर के मर्यादा पुरुषोत्तम का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण दिया था। और यह घटना तब हुई जब विश्वामित्र ने भगवान राम से विवाह का प्रस्ताव रखा और कहा कि वे एक विवाह कर लें और बाकी अपने माता-पिता से पूछ कर कर लें।
भगवान राम ने विश्वामित्र के प्रस्ताव को सुनकर कहा, “मेरी माता कौशल्या के रहते मेरे पिता ने माता सुमित्रा से विवाह किया होगा, तो उन्हें बहुत कष्ट हुआ होगा। और फिर उसके बाद माता केकई से विवाह तो उन्हें और कष्ट हुआ होगा।” भगवान राम ने आगे कहा, “धर्मपत्नी एक ही होनी चाहिए, बाकी तो भोग पत्निया होती हैं।” भगवान राम ने एक विवाह का संकल्प लिया और इसलिए वे मर्यादा पुरुषोत्तम हुए।