भिखारियों और अपराधियों सहित 258 पाकिस्तानियों को सात देशों ने भेजा स्वदेश

कराची ,10 जनवरी। पाकिस्तान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। पिछले 24 घंटों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सदाबहार दोस्त चीन सहित सात देशों ने 258 पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेज दिया है।
पाकिस्तानी इमिग्रेशन अधिकारियों के अनुसार, कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे 258 लोगों में से 244 को आपातकालीन यात्रा दस्तावेजों के आधार पर निर्वासित किया गया। 14 के पास वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट थे।
केवल 16 निर्वासितों को संदिग्ध पहचान के कारण गिरफ्तार किया गया, बाकी को केवल पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया।
पाकिस्तान के प्रमुख समाचार चैनल जियो न्यूज ने बताया कि सऊदी अरब ने 232 लोगों को निर्वासित किया, जिनमें सात भिखारी, बिना परमिट के हज करते पकड़े गए लोग और अपनी सजा पूरी करने के बाद वापस भेजे गए लोग शामिल हैं। इसके अलावा वे पाकिस्तानी शामिल हैं- जो देश में तय समय सीमा से ज्यादा समय तक रुके थे या बिना किसी कारण के या अपने वीजा की वैधता से अधिक समय तक काम करते पाए गए थे।
रिपोर्ट में कहा गया कि सऊदी एजेंसियों ने 112 लोगों को उनके प्रायोजकों की शिकायतों की वजह से वापस भेजा और 63 लोगों पर अन्य आरोप लगे थे।
यूएई ने 21 लोगों को निर्वासित किया, जिनमें से चार ड्रग्स तस्करी में शामिल हैं, जबकि चीन, कतर, इंडोनेशिया, साइप्रस और नाइजीरिया ने एक-एक पाकिस्तानी नागरिक को वापस स्वदेश भेजा।
पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान से बड़ी संख्या में संदिग्ध यात्री विदेश गए हैं। ये लोग शरणार्थी, अवैध ड्रग तस्कर, भिखारी और मानव तस्कर बनकर दूसरे देशों में अवैध रूप से रह रहे हैं।
इस बीच सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (जीएसीए) ने घोषणा की कि देश की यात्रा करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के लिए पोलियो टीकाकरण प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
जीएसीए के अनुसार, नवीनतम निर्देशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को कठोर दंड और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।