पियारेपुर में खाद की दुकान में जिला कृषि अधिकारी ने मारा छापा

कुदरहा, बस्ती। कलवारी थाना क्षेत्र के नगर पंचायत गायघाट के पियारेपुर में चल रही खाद की दुकान पर किसानों को नकली खाद बेचने की शिकायत पर  जिला कृषि अधिकारी गहनता से खाद गोदाम का जांच। किसानों का आरोप है कि 1 दिसंबर को वह डीएपी खाद1400 रुपया प्रति बोरी के दर से लेकर गए थे। लेकिन जब खाद को बोना शुरू किया तो उनके हाथ काले हो गए। खाद को चेक करने के लिए किसानों ने जब उसे पानी में धोया तो खाद में बालू और कंकड के अवशेष मिले। वही दुकानदार का कहना है कि उसने इस ब्रांड की खाद बेचीं ही नहीं है। शिकायत पर पहुंचे जिला कृषि अधिकारी ने गोदाम में मौजूद खादों का सैंपल सील कराकर जांच के लिए भेज दिया।
  कलवारी थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव निवासी रंजीत निषाद ने पियारेपुर में एक प्राइवेट दुकान से छह बोरी और महुआपार गांव सलाहुद्दीन नौ बोरी डीएपी लेकर गए थे। दोनों किसानों का आरोप है कि डीएपी की बुआई करने के दौरान हाथ काला हो गया। खाद को नकली प्रतीत होने पर खाद को पानी में धोने लगे तो पानी पूरा काला हो गया। उसके बाद उसमें बालू व मौरंग के दाने भी मिले। इसके बाद दोनों ने इसकी शिकायत दुकानदार से की। दुकानदार ने रंजीत से बोरियों को वापस मगाकर दुकान के गोदाम में रखकर शटर में ताला लगा दिया। उसके बाद एकांत में ग्राहक को ले जाकर इधर-उधर शिकायत न करने की सिफारिश करने लगा। ग्राहक ने वापस रुपया मांगने लगा तो दुकानदार ने कहा कि जहां से हम खाद लाए हैं वहां से हमें पैसा मिल जाएगा तो हम वापस कर देंगे। इसके बाद रंजीत इसकी शिकायत कलवारी थाने पर की। वहां इसकी सूचना कृषि अधिकारी के पास पहुंची। सूचना पाकर कृषि अधिकारी डा. बाबूराम मौर्य मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गोदाम का ताला खुलवाकर बारीकी से जांच पड़ताल किया। लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार वह डीएपी खाद गोदाम में नहीं मिली। गोदाम में मौके पर यूरिया व ग्रोप्लस नाम की खाद मिली। जिसमें से ग्रोप्लस खाद की नमूना कृषि अधिकारी ने लिया। इसके बाद कृषि अधिकारी ने शिकायतकर्ता से एक प्रार्थना पत्र लेकर जांच पड़ताल में जुट गए। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मौजूद खाद का नमूना ले लिया गया है। जिस खाद की शिकायत मिली थी। वह खाद गोदाम में नहीं मिली इसकी भी जांच की जा रही है।