पति की आत्महत्या के लिए पत्नी दोषी करार, मिली 10 साल के सश्रम कारावास की सजा

बस्ती। आत्महत्या के लिए उकसाने के चलते पति द्वारा ट्रेन के आगे कूट कर आत्महत्या कर लेने के मामले में उसकी पत्नी को 10 साल के सश्रम कारावास, 20 हजार रूपए के अर्थदण्ड की सजा का आदेश सुनाया गया है। सजा का आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / त्वरित गति न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरी की अदालत ने सुनाया है। अर्थ दण्ड न अदा करने पर उसे दो साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन के अनुसार मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के ओड़वारा निवासी दिलीप कुमार ने धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि उसके बेटे संतोष कुमार की पत्नी निक्की उर्फ रिंकी द्वारा उसे और परिवार वालों को दहेज व अन्य फर्जी मुकदमा कर परेशान करते थे। निक्की उर्फ रिंकी अपने भाइयों नगर थाना क्षेत्र के मजगवां निवासी अनिल कुमार, सुशील कुमार, सुनील कुमार, वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गौरा निवासी मामा गुड्डू के साथ मिलकर उसके बेटे को प्रताड़ित करते और आत्महत्या करने के लिए उकसाते थे। जिसके चलते उसने 27 मार्च 2017 को करीब साढ़े 8 बजे ट्रेन के आगे जाकर आत्महत्या कर लिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपरांत न्यायालय में निक्की उर्फ रिंकी के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया। जबकि अन्य के विरूद्ध साक्ष्य न मिलने के कारण उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया।
एडीजीसी वेद प्रकाश ने बताया कि गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने निक्की उर्फ रिंकी को दोषी मानते हुए 10 साल के सश्रम कारावास, 20 हजार रूपए अर्थ दंड की सजा सुनाया। अर्थदंड न अदा करने पर उसे 2 वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है।