🌹 *ओ३म्*🌹
🍁आर्यावर्त में गूंजी वेदवाणी 🍁
वेद ईश्वरीय वाणी है। जिसमें मानव मात्र के कल्याण के उपदेश है।जो ईश्वर को प्राणि मात्र में देखता,जानता व अनुभव करता है वो कभी अधर्म नहीं कर सकता। जब आपके जीवन में सुविधा के साथ सुख आने लगे। जब आपके जीवन में धन के साथ धर्म आने लगे।जब आपके जीवन में कर्म के साथ समर्पण आने लगे।जब आपके जीवन में ज्ञान के साथ विज्ञान आने लगे। जब आपके जीवन में करनी और कथनी में एकता आने लगे।तब आप समझो कि आपको सत्संग का लाभ प्राप्त हो रहा है।
आर्यावर्त साधना सदन में एक दिवसीय 🔥 *वैदिक यज्ञ व सत्संग* 🔥 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री संतोष सिंह जी सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी भाजपा के सपत्नीक यजमान पद पर सुशोभित रहे।क्षेत्रीय नर/नारियों ने कार्यक्रम में तन-मन-धन से प्रतिभाग किया।
🌼 *विशिष्ट अतिथि*🌼
(१) आर्य समाज रसौली। (२) आर्य समाज सौम्मैया नगर (३) आर्य समाज आवास विकास (४) आर्य समाज ग्रीड़गंज के अतिरिक्त लखन ऊ से डां० अरविंद त्रिपाठी।ग्राप पटपटपुर से डां०आशीष।ग्राम जाटा बरौली से रमापति जी।ग्राम शाले नगर से श्रीकृष्ण चंद्र त्रिपाठी।रमेश तिवारी।वाराणसी से श्री अशोक जी सहित अधिक संख्या में लोगों ने सत्संग का लाभ लिया।
🪔 *समोसा सम्राट* 🪔
समोसा सम्राट दशहरा बाग बाराबंकी।अनुपम प्रिंटिंग प्रेस से सुरेश वर्मा,ग्रीड़गंज से तिवारी।शाले नगर न ई बस्ती से श्रीकृष्ण चंद्र तिवारी आदि ने यज्ञ प्रसाद वितरण मे सहयोग किया।
🌻 *वैदिक भजन*🌻
वैदिक यज्ञ के उपरांत *श्रीमती रंजना अवस्थी।पंडिता रुक्मिणी शास्त्री। श्री अर्जुन देव ।आर्य पुत्र सुशांत।आर्य पुत्री हर्षाली ने सुमधुर वैदिक भजन सुनाकर श्रोताओं को ईश्वर भक्ति का अमृतपान कराया।
वेद प्रवचन के क्रम में मानव शरीर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि पूर्व जन्म के शुभ कर्मों के आधार परमात्मा मानव को *सम्यक् भोग व सम्यक योग* की प्राप्ति के लिए मानव शरीर में भेजता हैफिर भी लाखों लोग इस मानव शरीर में आकर भी पशुओं की तरह भोग-विलास में दिन रात आकंठ डूबे रहते हैं।मगर जो मानव

*यज्ञ,सत्संग,सेवा,परोपकार,दान,ज्ञान,भक्ति,शुभकर्मों* में लगे हैं उनका मानव जीवन में आना सार्थक हो जाता है।
इस प्रकार 🪷 वैदिक यज्ञ/सत्संग/यज्ञ प्रसाद/वैदिक जयघोष के साथ ही सतसंग का समापन हुआ।
आचार्य सुरेश
*वैदिक प्रवक्ता*