लखनऊ। सितंबर राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के लिए विशेष अभियान मिशन शक्ति संचालित कर रही है। इसके अंतर्गत संस्कृति विभाग द्वारा शारदीय नवरात्र की शुभ तिथियों 03 अक्टूबर से 12 अक्टूबर, 2024 के तहत प्रदेश के देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों में महिलाओं एवं बालिकाओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनकी सुरक्षा हेतु लागू किये गये कानूनों का व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु विशेष अभियान संचालित किया जायेगा। इस आयोजन के लिए प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम की ओर से आज 23 सितम्बर, 2024 को समस्त जिलाधिकारियों एवं मण्डलायुक्तों को शासनादेश जारी कर दिया गया है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि शारदीय नवरात्रि की अवधि में संस्कृति विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम कराने की रूपरेखा तैयार की गई है। अष्टमी एवं श्रीराम नवमी के अवसर पर प्रमुख शक्ति पीठ मंदिरों में सामाजिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इस कार्यक्रम से आम जनता को जोड़ते हुए अखण्ड रामायण पाठ का आयोजन किया जायेगा। इसके लिए जनपद, तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर समिति गठित की जायेगी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा समस्त जिलाधिकारियों एवं मण्डलायुक्तों को भेजे गए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि समस्त जिलाधिकारी अपने जनपद में चयनित देवी मंदिरों, शक्तिपीठों में स्थानीय लोक कलाकारों, भजन मण्डलियों तथा कीर्तन मण्डलियों का चयन किया जायेगा। जिसका समन्वय संस्कृति एवं सूचना विभाग द्वारा किया जायेगा। इस कार्यक्रम में जनपदों में तैनात सूचना विभाग के अधिकारियों द्वारा सहयोग प्राप्त किया जाए। समस्त कार्यक्रम मिशन शक्ति के अनुरूप जनसहभागिता के साथ आयोजित करने को कहा गया है।
जयवीर सिंह ने बताया कि स्थानीय कलाकारों का चयन संस्कृति विभाग की ई-डायरेक्ट्री के लिंक ीजजचेरूध्ध्नचबनसजनतमण्नचण्
पर्यटन मंत्री ने बताया कि संास्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा, ध्वनिप्रकाश एवं दरी आदि की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा करायी जायेगी। आयोजन स्थलों पर सक्षम स्तर से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर आयोजन सुनिश्चित कराया जाय। समस्त जनपदों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की सूचनाएं प्रतिदिन संस्कृति विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही सभी कार्यक्रमों का विवरण एवं फोटो आदि संस्कृति विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देश दिए गये हैं।