आर्य समाज ने यज्ञ कर मनाया श्रावणी उपाकर्म, बदले यज्ञोपवीत

सावन मास की पूर्णिमा को श्रावणी उपाकर्म का पवित्र त्यौहार प्राचीन काल से ही मनाया जाता रहा है। इस दिन वैदिक यज्ञ करके द्विज अपने अपने यज्ञोपवीत बदलते हैं और देश में शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, क्रिया-कौशल तथा सेवा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। इसी दिन रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जाता है। बहनें अपने भाई को रक्षासूत्र बांधती हैं और भाई आजीवन उनकी रक्षा का वचन देते हैं। आर्य समाज नई बाजार और गांधी नगर बस्ती में श्रावणी पूर्णिमा के पावन पर्व पर वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया और उपस्थित लोगों ने अपने अपने यज्ञोपवीत बदले। इस अवसर पर ओम प्रकाश आर्य प्रधान आर्य समाज नई बाजार बस्ती ने बताया कि दिनांक 26 अगस्त तक प्रतिदिन सायं 6:30 से 9:30बजे तक *स्वामी दयानन्द विद्यालय सुरतीहट्टा बस्ती* सत्संग भवन में वेद के जीवनोपयोगी मंत्रों की व्याख्या भजनोपदेश और उपदेश के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए आचार्य महावीर मुमुक्षु मुरादाबाद और पण्डित नेम प्रकाश त्रिपाठी लखनऊ से पधारे हैं। इसके अलावा सुबह के सत्र में समाज के चयनित स्थानों विद्वानों द्वारा पर वेद कथा होगी। उन्होंने आम जनमानस से इस कार्यक्रम में सपरिवार सम्मिलित होने की अपील की।