सीतापुर
पिछले कई महीनों से कई गांवों बाघ की दहशत से ग्रामीण परेशान हैं। जिसके कारण वह अपने खेतों की रखवाली भी नहीं कर पा रहे हैं। वन विभाग द्वारा स्थाई समाधान न निकाले जाने से परेशान उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा के नेतृत्व में डीएम को ज्ञापन दिया गया। जिसमें शीघ्र समाधान न होने पर पदयात्रा कर सीएम से अपनी समस्या बताने को कहा गया है। बुधवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने इलाके में बाघ की दहशत से उनको अवगत कराया। साथ ही एक ज्ञापन दिया गया। जिसमें कहा गया है कि महोली के अंतर्गत गांव कारीपाकर, हरैया फत्तेपुर, कोल्हौरा, रुस्तमनगर, अमिरता, जहांसापुर, संसड़ा ढफरापुर, महुरनिया, पकरिया, श्यामजीरा, कटिघरा, महुआकोला समेत दर्जनों गांवों में पिछले पांच वर्ष से बाघों को कुनबा भ्रमण करके मवेशियों को गांवों में घुसकर अपना निवाला बना चुके हैं। विगत कुछ माह पूर्व श्यामजीरा गांव में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करके घायल कर दिया था। वह किसी तरीके से लोगों के शोर मचाने पर बच गया था। बाघों के आंतक के भय से ग्रामीण खेतोें की रखवाली करने नहीं जा रहे हैं। इस समस्या पर वन विभाग केवल पिंजड़ा लगाकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाता है। वन विभाग की घोर लापरवाही के कारण ग्रामवासियों को हर समय खतरा बना हुआ है। वन विभाग इतनी गंभीर समस्या को ऊपर तक नहीं पहुंचा रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं निकला तो आगामी 16 अगस्त को ग्रामीण पदयात्रा कर मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताएंगे।