कौन कहता है भूल जाऊंगी

कौन कहता है भूल जाऊंगी।

गीत में तुझको गुनगुनाऊँगी।

जितनी शिद्दत से तुझको चाहा है।

उतनी शिद्दत से ही निभाऊंगी ।

साथ मुश्किल है गर ज़माने में।

सारी दुनिया मैं छोड़ आऊंगी।

चार दिनकी तो ज़िन्दगानी है।

रूठ कर इससे जी न पाऊँगी।

जीत और हार जो मिले रश्मि।

रब की नेअमत पे सर झुकाऊंगी।

ज्योतिमा शुक्ला ‘रश्मि’

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