पौली। ब्लाक मुख्यालय पर स्थित ऐतिहासिक राम जानकी मार्ग के किनारे बाबा कंकणेश्वर नाथ शिव मंदिर मे आयोजित गायत्री महायज्ञ व मानस प्रवचन के दूसरे दिन बृन्दावन धाम से पधारे मानस मर्मज्ञ आलोकानन्द दास जी महराज श्रीराम कथा का रसपान कराते हुए कहा कि
श्रीराम कथा हमें मर्यादा में रहना सिखाती है। साथ ही यह मानव का सही मार्गदर्शन भी करती है। जो मनुष्य सच्चे मन से श्रीराम कथा का श्रवण कर लेता है, उसका लोक ही नहीं परलोक भी सुधर जाता है। मानव जीवन बहुत दुर्लभ है और अच्छे सत्कर्मों के बाद ही मनुष्य का जीवन मिलता है। मनुष्य को इसका सदुपयोग करना चाहिए और राम नाम का जप करते हुए अपने लोक व परलोक को सुधारना चाहिए। कलियुग में मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा राम नाम ही है। प्रवचन के दौरान महाराज ने कहा कि हमें अपने दाम्पत्य जीवन में गंभीर होना चाहिए। पति-पत्नी,भाई- बहन, भाई-भाई का प्रेम, पिता-पुत्र, सास-बहु सभी को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। रामायण व श्रीराम कथा हमें मर्यादा मे रहना सिखाती है। इस मौके पर श्रीराम चरित मानस समिति के अध्यक्ष परमात्मा तिवारी,चन्द्रप्रकाश तिवारी, लाल साहब सिंह, राम अधीन पान्डेय, सुमन्त राव, रमेश चन्द चौरसिया , कपिल देव कनौजिया, कृष्ण चंद्र मांझी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
Post Views: 229