महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा रामोत्तसव के अंतर्गतगत डेढ़ माह से चल रहे सांस्कृतिक उत्सव में आज 48 वां दिन को तुलसी उद्यान मंच श्रीराम पथ पर पश्चिम बंगाल,गुजरात,असम,हरियाणा,उत्तराखंड,दिल्ली के लोक कलाकारों ने दी लोक गायन व लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुति प्रथम प्रस्तुति हेतु झांसी के सीताराम कुशवाहा की गायन मेरी नैया में लक्ष्मण राम गंगा मैया धीरे बहो.. लल्ला के सुनके है आई कौशल्या मैया दे दो बधाई.. राम नाम की लूट है लूट सको तो लूट अंत समय पछताएगा जब प्राण जाएगा छूट की प्रस्तुति सभी को राममय से शराबोर दिए। इसके पश्चात कानपुर की कविता सिंह की लोक गायन राम जन्म से लेकर राम विवाह और गवन तक के कई गीतों की प्रस्तुति दी श्री राम स्तुति श्री रामचंद्र कृपालु भजमन..जन्म गीत, राम जन्म लियो आज अवधपुरी बाजे बधईया.. विवाह गीत, राम जी को देखकर श्रीजनक खड़ी की खड़ी रह गई.. तुम उठो सिया सिंगार करो अब धनुषराम ने तोडा है ..देखो दूल्हा बने श्री राम.. के कहां के पथिक कहां के किन्हो गवनवा.. को सभी श्रोताओं ने बहुत सराहा । इसके पश्चात इसके पश्चात असम के मानस कलिता एवं दल द्वारा कीर्तन गायन राम की धुन से सराबोर कर दिए जिसे सभी दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई ।
इसके पश्चात चंचल रावत घसियारी नृत्य जो उत्तराखंड की जनजीवन कृषि और गांव की जीवन शैली पर आधारित नृत्य जिसमें महिलाएं पशुओं के लिए चारा काट कर लाती है उस वक्त यह हरियाली गीत गाते हुए रास्ते में घूमते नाचते अपने सखियों के साथ पगडंडियों से होकर गुजरती है इस नृत्य, गायन मे मनुष्य और पशु के बीच के प्रेम को इस नृत्य के भाव में पिरोया है । इसके पश्चात हेमराज राजस्थान भील जनजाति की घुमरा नृत्य जिसे महिलाएं हाथ में तलवार और रुमाल लेकर नृत्य करते हैं। इसके पश्चात गुजरात की शिखा बेन एवं दल द्वारा गरबा नृत्य मे सभी महिलाएं अपने माथे पर गरबा और मांडवी लेकर गरबा घूमती है इस नृत्य में माता जी के श्रृंगार और मातृ शक्ति का वर्णन हैं माता जी को बीच में रखकर गोले में घूम-घूम कर नृत्य करते हैं, मातृशक्ति नृत्य अद्भुत और मनमोहक लगी सभी श्रोताओं ने सराहा और जमकर तालियां बजाई इसके पश्चात पश्चिम बंगाल के कलाकार बिसन कुमार एवं दल द्वारा बंगाल पारंपरिक प्रसिद्ध पुरलिया छाउ नृत्य ने सबका मन मोहा को देख सभी बहुत साराहा इसके पश्चात अनु सिन्हा एवं दल द्वारा दिल्ली नृत्य नाटिका की प्रस्तुति मनमोहक रही ।