स्वास्थ्य सेवाओं के 14 इण्डीकेटर पर बस्ती मण्डल के 17वें स्थान पर रहने पर असंतोष जताया मण्डलायुक्त ने

बस्ती 29 फरवरी  स्वास्थ्य सेवाओं के 14 इण्डीकेटर पर बस्ती मण्डल प्रदेश में 17वें स्थान पर रहने पर मण्डलायुक्त अखिलेश सिंह ने असंतोष व्यक्त करते हुए तीनों जनपदों के अधिकारियों को सुधार करने का निर्देश दिया है। आयुक्त सभागार में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होने कहा कि शीघ्र ही उनके द्वारा तीनों जनपदों में निरीक्षण किया जायेंगा और कमी पाये जाने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेंगी। उन्होने कहा कि प्रगति रिपोर्ट भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड न करने के बावजूद धन आहरित करना वित्तीय अनियमितता मानते हुए दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेंगी।
उन्होेने नवदम्पत्ति को शगुनकिट वितरण ना किये जाने पर भी नाराजगी व्यक्त किया। उन्होने आश्चर्य व्यक्त किया कि जुलाई 2023 में आदेश एवं धन प्राप्त होने के बावजूद किट खरीदने की अभी तक टेण्डर प्रक्रिया पूरी नही की गयी। सास, बहू- बेटा सम्मेलन भी अभी तक आयोजित नही किया गया। मण्डल में कुल 243 अल्ट्रासाउण्ड रजिस्टर्ड है परन्तु अभी तक मात्र 125 सेण्टर की जॉच टीम द्वारा की गयी है।
समीक्षा में उन्होने पाया कि 36 एम.बी.बी.एस. डाक्टरों के पद रिक्त है। इनकी तत्काल भर्ती के लिए वाक इन इण्टरव्यू आयोजित कराने का निर्देश दिया। टेलीकान्फ्रेन्सिंग की समीक्षा करते हुए उन्होने पाया कि कुल 543 में 213 डाक्टर इसके लिए पंजीकृत है और मात्र 126 डाक्टर सक्रिय है। फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) प्रत्येक तहसील में सक्रिय है परन्तु हर्रैया एवं भानपुर में अभी इसे सक्रिय नही किया गया है।
उन्होने निर्देश दिया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का माह में एक बार एम.बी.बी.एस. डाक्टर से जॉच अवश्य कराये। इसके लिए एएनएम और आशा को सक्रिय करें। समीक्षा में उन्होने पाया कि 10585 पंजीकृत गर्भवती महिलाओं में से मात्र 4197 महिलाओं का अल्ट्रासाउण्ड कराया गया है। कुल 7200 लक्ष्य के सापेक्ष 4306 महिलाओं की नसबन्दी करायी गयी है तथा परिवार नियोजनों के अन्य साधनों का वितरण भी कम पाया गया है। केवल 31 प्रतिशत आशाओं ने ही परिवार नियोजन की सुविधाओं को पात्र महिलाओं तक पहुॅचाया है। समीक्षा मे उन्होने पाया कि 30 प्रतिशत महिलाओं की डिलेवरी रिपोर्ट अप्राप्त है और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इसके लिए पाइवेट अस्पतालों की जॉच भी नही की गयी है।
समीक्षा में उन्होेने पाया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में 24687 को लाभान्वित किया गया है। अस्पतालों में मानक के अनुसार दवाओं की उपलब्धता 95 प्रतिशत है। इस वर्ष जेई और एईएस से कोई मृत्यु नही हुयी है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होने निर्देश दिया कि अधिकारियों, स्वयं सेवी संस्थाओं तथा नागरिको की बैठक करके टीबी मरीजों को गोद दिलायें। उन्होने निर्देश दिया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी ओपीडी करने के बाद फिल्ड में जाये तथा कार्यक्रम की मानीटरिंग करें।
बैठक में उन्होने मिजिल रूबेला टीकाकरण, नियमित टीकाकरण, आकांक्षी ब्लाक, मानसिक स्वास्थ्य, अनडाइड फंड, आयुष्मान गोल्डेन कार्ड, ई-कवच पोर्टल, आशाओं का भुगतान, कृमि उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, पीसीपीएनडीटी आदि कार्यक्रमों की समीक्षा किया। बैठक का संचालन मण्डलीय प्रबंधक अरविन्द्र पाण्डेय ने किया। इसमें अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. नीरज पाण्डेय, सीएमओ डा. आर.एस. दुबे, सिद्धार्थनगर एवं संतकबीर नगर के सीएमओ, कैली ओपेक चिकित्सालय के सीएमएस डा. ए.एन. प्रसाद, तीनों जिलों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के अधिकारीगण, जिला समन्वयक, वित्तीय प्रबंधक, जिला प्रबंधकगण उपस्थित रहें।
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