कुदरहा, बस्ती:28 फरवरी कुदरहा कस्बे में निजी मैरेज हाल में शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वाधान में चल रही तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ व प्रज्ञा पुराण कथा के दूसरे दिन मंगलवार को जप, ध्यान व प्रज्ञा पुराण कथा कार्यक्रम का आयोजित किया गया। जिसमे वातावरण को शुद्ध रखने के लिए हवन भी किया गया।
महायज्ञ गुरु सत्यनारायण शर्मा के ने नेतृत्व मे हवनोत्सव कार्यक्रम शुरु हुआ। जिसमे मंत्रोचार के द्वारा हवन किया गया। उहोंने ने भगवान सूर्य को समर्पित गायत्री मंत्र के महात्म को विस्तार से बताते हुए कहा कि गायत्री मंत्र के माध्यम से ही अपनी बुद्धि को सनमार्ग पर चलाए जा सकता है। आज भौतिक दृष्टि से संपन्न होते हुए भी लोगों को चैन और सुकून नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए हम सब को प्रगतिशील जीवन में वाणी का मधुर होना नितांत आवश्यक है। जिस प्रकार हाथ पैर चलने से पेट भरता है और जीवन कर्म चलता है ठीक उसी प्रकार वाणी के मुखर होने से पारस्परिक सहयोग बढ़ता है। समाज संपर्क बनता है और प्रगति का अवरुद्ध द्वार खुलता है। लोक सेवा में सबसे बड़ा परमार्थ किसी भी दिशा धारा को शालीनता की दिशा में मोड देता है। इसके लिए वाणी का मुखर होना अति आवश्यक है। वातावरण को शुद्ध रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाए और हवन करके।
कार्यक्रम आयोजन विजय स्वर्णकार, रतनाकर पांडेय, अनिल अग्रहरि, सीताराम चौरसिया, राकेश सोनी, देवेंद्र कुमार, मनोज, पंकज, सनोज, रमेश सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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