लखनऊ – गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की युवा बेटी ईभा सिंह को उत्तर प्रदेश और गुजरात के ग्रामीण क्षेत्रों में नवजात बच्चियों, गौरवान्वित माताओं और नवजात बच्चियों के जन्म पर गांवों में उत्सव का माहौल के सम्मान के साथ-साथ, लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता के लिए उत्तर प्रदेश और गुजरात में उनके सराहनीय कार्य के लिए उन्हें अपनी उत्तर प्रदेश की 15 महिला प्रधानों के साथ आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने उनकी फाउंडेशन घर आई नन्ही परी की स्थापना 2021 के बाद से एक साथ काम किया है। अब तक उनके फाउंडेशन से उत्तर प्रदेश और गुजरात के 200 से ज्यादा प्रधान जुड़े हुए हैं। माननीय प्रधान मंत्री मोदी जी का सपना बेटियों के जन्म का जश्न मनाएं। हमें अपनी बेटियों पर भी उतना ही गर्व होना चाहिए। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि जब आपकी बेटी का जन्म हो तो इस अवसर का जश्न मनाने के लिए पांच पौधे लगाएं। डॉ एस.के. नंदा (सेवानिवृत्त आईएएस, गुजरात में माननीय प्रधान मंत्री के पूर्व गृह सचिव) के मार्गदर्शन में, वर्ष 2021 में घर आई नन्हीं परी, फाउंडेशन की स्थापना की, जिसकी परिकल्पना ईभा सिंह ने की थी। ग्रामीण भारत में नवजात बच्चियों और गौरवान्वित माताओं को सम्मानित करने, लड़कियों को शिक्षित करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने में मदद करने के लक्ष्य के साथ ईभा सिंह ने यह यात्रा वर्ष 2021 में अपनी टीम के सदस्य सचिन चौधरी और वन्दना के साथ उत्तर प्रदेश और गुजरात जिलों के ग्राम प्रधानों और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ समन्वयकों के सहयोग से नवजात बच्चियों के जन्म का सम्मान करते हुए शुरू हुई।
ईभा सिंह ने घर आई नन्ही परी फाउंडेशन उत्तर प्रदेश के 28 जिलों और गुजरात के 2 जिलों तक पहुंच चुका है, 5000 से अधिक नवजात बच्चियां और गौरवान्वित माताएं को सम्मनित किया, पौधे लगाए गए है और औषधीय पौधे के साथ माताओं के लिए पोषण वाटिका विकसित कर रहा है, जिससे एक नया आंदोलन शुरू हो गया है।
1. लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करना-एनजीओ लड़कियों को उनकी शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से सहायता कर रहा है और शिक्षा में उनकी बाधाओं को हल कर रहा है और हर लड़की की शिक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
2. विशेषज्ञों से छात्र कैरियर परामर्श सत्र, डिजिटल साक्षरता का सत्र, छात्रों के लिए पुस्तकालय की स्थापना
3. महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता: गुजरात के साबरकांठा जिले के पुंसारी गांव में महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ाने के लिए हमने डेयरी व्यवसाय को मजबूत करके और उन्हें मल्चिंग मशीन प्रदान करके महिलाओं को सशक्त बनाया है, जिससे पशुओ से दूध निकालने का काम करने का समय कम हो गया और महिलाओं की आय दोगुनी हो गई है। इससे उन्हें अपने बच्चों और परिवार को अधिक समय देने में मदद मिली है।
4. हम महिलाओं को स्वचालित स्वीइंग मशीन भी उपलब्ध करा रहे हैं ताकि महिलाओं की आय बढ़ाई जा सके।
ईभा पटेल ने दो राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार प्राप्त किए हैं इस पहल की उत्तर प्रदेश के माननीय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मैम द्वारा अत्यधिक सराहना की गई है और 13 ग्राम पंचायत की आंगनवाड़ी को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मैम से 7 लाख रुपये प्राप्त किए हैं, जिसे भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू मैम, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल माननीय आनंदीबेन पटेल मैम और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी सराहा है। माननीय असीम अरुण जी, मंत्री समाज कल्याण, पद्मश्री राम सरन वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष बाराबंकी राज रानी रावत, एमएलसी अवनीश कुमार सिंह, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, एएमडी एनएचएम डॉ. हीरा लाल आईएएस, सीडीओ कानपुर देहात सौम्या पांडेय आईएएस, कई गणमान्य व्यक्ति इस अभियान में शामिल होने लगे और गांवों में नवजात बच्चियों को सम्मानित करने लगे, जिससे हर गांव के हर घर में जश्न का सिलसिला शुरू हो गया।