राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का बाल योगी ने किया स्वागत, कहा- “पारदर्शिता अनिवार्य”

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में SIT (विशेष जांच दल) से स्टेटस रिपोर्ट तलब करने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किए जाने के आदेश का बाल योगी ने पुरजोर स्वागत किया है।
पारदर्शिता और आस्था की रक्षा के लिए जरूरी मीडिया से बातचीत करते हुए बाल योगी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की पवित्रता को बनाए रखने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा, “राम मंदिर पूरी दुनिया के सनातनियों की आस्था का केंद्र है। यहां आने वाले दान का प्रत्येक पैसा श्रद्धालुओं की श्रद्धा से जुड़ा है। ऐसे में दान की गई राशि का पूरा हिसाब जनता के सामने आना चाहिए। हम माननीय न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करते हैं और हमें पूर्ण विश्वास है कि इस प्रक्रिया से सच्चाई जल्द ही सबके सामने होगी। दान की पवित्रता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
सनातन धर्म में दान के महत्व को रेखांकित करते हुए बाल योगी ने कहा कि दान को हमेशा से ही अत्यंत पवित्र माना गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि दान की राशि में किसी भी प्रकार की अनियमितता या हेराफेरी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
SIT जांच से स्पष्ट होगी स्थिति
बाल योगी ने उम्मीद जताई कि SIT की गहन जांच के बाद मामले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा, “SIT की जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यदि कोई गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं के भरोसे को कोई ठेस न पहुँचा सके।