प्रो. गोविन्द पाण्डेय नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की विद्वत् परिषद् के सदस्य नामित

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। गोरखपुर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के हाल ही में सेवानिवृत्त हुए प्रख्यात पर्यावरणविद् प्रो. गोविन्द पाण्डेय को भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। प्रो. पाण्डेय को ‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ की विद्वत् परिषद् (अकादमिक काउंसिल) का सदस्य नामित किया गया है। मंत्रालय द्वारा 09 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार, यह सात सदस्यीय परिषद् राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत विकसित किए जाने वाले ‘योग्यता पैक’ (Qualification Packs) की गुणवत्ता और मानकों का निर्धारण करेगी। परिषद् की प्रमुख जिम्मेदारियां राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद् के निदेशक की अध्यक्षता में गठित इस समिति में प्रो. गोविन्द पाण्डेय के साथ सतारा के डॉ. सुभाष देशमुख, पुणे के डॉ. दादासाहेब जे. शेंडगे तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। यह परिषद हरित हाइड्रोजन तकनीक के लिए गुणवत्ता मानक स्थापित करने, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप योग्यता पैक की समीक्षा करने और इसके मूल्य निर्धारण हेतु एक पारदर्शी ढांचा विकसित करने का कार्य करेगी। पर्यावरण क्षेत्र में व्यापक अनुभव आई.आई.टी. रुड़की से पीएचडी धारक प्रो. गोविन्द पाण्डेय का 38 वर्षों का लंबा अकादमिक और शोध अनुभव है। उन्होंने आमी, राप्ती, घाघरा और गंगा जैसी नदियों के प्रदूषण पर महत्वपूर्ण शोध किए हैं। इसके अलावा, गोरखपुर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वायु गुणवत्ता (Clean Air Action Plan), सिटी हीट वेव एक्शन प्लान और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है। वाहनों के प्रदूषण को मापने हेतु उनकी टीम द्वारा विकसित ‘ई.ई.आई.’ (EEI) मॉडल को अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में विशेष स्थान मिला है और भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भी उनके सुझावों को महत्व दिया है।
अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं में निभाई है भूमिका प्रो. पाण्डेय की विद्वता और प्रशासनिक दक्षता के चलते उन्हें समय-समय पर महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व सौंपे गए हैं। इसी वर्ष उन्हें शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कालीकट की प्रशासकीय परिषद में सदस्य नामित किया गया था। इसके अतिरिक्त, वे राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (गोंडा व बांदा), ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की कार्य परिषद तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन हेतु गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
प्रो. पाण्डेय के इस राष्ट्रीय नामांकन पर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिवार, छात्रों और गोरखपुर के प्रबुद्ध जनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।