उत्थान आडिटोरियम में सम्पन्न हुई प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशाला
बहराइच । मा. प्रधानमंत्री जी के ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान के तहत शासन व जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर जनपद में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कपूरथला परिसर स्थित उत्थान ऑडिटोरियम में आयोजित 02 दिवसीय कार्यशाला के अन्तिम दिन आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद बहराइच डॉ. आनन्द कुमार गोंड ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों केे प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है। डॉ. गोंड ने किसानों का आहवान किया कि प्राकृतिक खेती अपनाने की दिशा में आगे बढ़े।
सांसद डॉ. गोंड ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भारतवासियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि के लिए केन्द्र व राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत हैं और अनेकों योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहाकि हमें पंजाब से सबक लेना होगा जहां के किसान बड़ी मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का प्रयाग कर अत्यधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे थे। परन्तु आज पंजाब के खेत ऊसर हो गये हैं। डॉ. गोंड ने किसानों का सुझाव दिया कि कम से कम आधे खेत में ज़रूर प्राकृतिक खेती करें। प्राकृतिक खेती के माध्यम से प्राप्त उत्पादन की बाज़ार में बहुत मांग है जिसके कारण यह सामान्य अनाज के मुकाबले काफी अधिक कीमत में बिकता है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का भरपूर लाभ उठायें।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय ने मानव स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए हमें प्राकृतिक खेती की ओर लौटना होगा। श्री पाण्डेय ने किसानों को सुझाव दिया कि मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें। खेती किसानी में गोबर आधारित जैविक खाद के प्रयोग को बढ़ाये तथा रासायनिक उर्वरक का प्रयोग कम से कम करें। एमएलसी पदमसेन चौधरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए किसानों को बताया कि वे स्वयं पूर्व में गेहूं, धान की खेती अच्छी तरह से करते थे। गेहूं की फसल के बाद ढैंचा सनई का उपयोग करता था, जिससे उत्पादन 4 से 5 कु. प्रति बीघे उत्पादन प्राप्त करता था। उन्होंने कृषकों को प्राकृतिक खेती के साथ साथ कीट/रोग नियन्त्रण हेतु लाइट ट्रैप, स्टिकी स्टिक को प्रयोग करने तथा फार्मर आईडी बनवाये जाने का भी सुझाव दिया।
उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा ने बताया कि विभागीय प्रयासों से जनपद में लगभग 15000 किसानो द्वारा प्राकृतिक खेती प्रारम्भ की गई है। केन्द्र व राज्य सरकार प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। श्री वर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती के लिये जागरूक किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती से जुड़ने का आहवान करते हुए श्री वर्मा ने बताया कि जिले में कोदो, सावां, रागी, मडुआ, ज्वार, बाजरा के बीज मिनीकिट निःशुल्क दर्शन-1 पोर्टल पर बुकिंग के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे है।
कार्यशाला के दौरान जिले के प्रगतिशील कृषक अनिरूद्ध यादव व मगन बिहारी पाठक सहित कई महिला कृषकों द्वारा प्राकृतिक खेती करने के अपने अनुभव साझा किये। कृषि विज्ञान केन्द्र बहराइच के वैज्ञानिक डॉ.नन्दन सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र नानपारा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. पीके सिंह ने उपस्थित किसानों को प्राकृतिक खेती की उपयोगिता व तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों को प्राकृतिक खेती अपनाकर पर्यावरण के संरक्षण, मानव स्वास्थ्य व भूमि की उर्वरा शक्ति में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ आर्थिक स्थित में सुधार लाने का सुझाव दिया। कार्यशाला के दौरान सांसद डॉ. गोंड ने अन्य अतिथियों के साथ प्राकृतिक खेती करने वाले 10 किसानों को प्रमाण-पत्र तथा स्वानिधि योजना के तहत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र का वितरण किया तथा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की।
कार्यशाला में आये हुए अतिथियों व किसानों द्वारा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों का अवलोकन कर सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा पंजीकृत सांस्कृतिक दल राजकुमारी एण्ड पार्टी तथा स्थानीय लोक कलाकार बृजेश पुष्कर द्वारा गीत संगीत के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक व कृषक सन्त कुमार चौबे ने किया। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र त्रिपाठी, नगर पालिका अध्यक्ष सुधा टेकड़ीवाल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रणविजय सिंह व डॉ. कृष्ण कुमार, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल के प्रतिनिधि अशोक जायसवाल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए सुधाकर शुक्ला, कुलदीप वर्मा, पंकज कुमार, अरविंद कुमार, राम प्रकाश मौर्या, अध्यक्ष मृदा परीक्षण प्रयोगशाला आशुतोष पाण्डेय एवं अवर अभि. कृषि नितिन कुमार मौर्य सहित कृषि विभाग के अन्य कर्मचारी/अधिकारी उपस्थित रहे।
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