पीएम किसान सम्मान निधि के संदिग्ध डाटा सुधारने का कृषकों के पास अन्तिम अवसर
गलत व अपूर्ण अखिलेख अपलोड करने पर योजना से हो सकते हैं बाहर
बहराइच 20 मई। उप कृषि निदेशक विनाय कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद बहराइच में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा सत्यापन प्रक्रिया के दौरान संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है। कृषि विभाग से प्राप्त विवरण के अनुसार किसानों की सूचनाओं एवं अभिलेखों में पायी गई विसंगतियांे के तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
श्री वर्मा ने बताया कि वरासत में प्राप्त भूमि के पूर्व स्वामी का विवरण पंजीकरण के समय सही अथवा पूर्ण रूप से दर्ज नहीं किये जाने से सम्बन्धित 17325, भूमि का नामांतरण वरासत के बजाय भूमि क्रय, पट्टा, दानपत्र आदि आधारों पर 2510 प्रकरण चिन्हित किये गये हैैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। इसी प्रकार पूर्व एवं वर्तमान दोनों भू-स्वामियों द्वारा एक ही भूमि पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने से सम्बन्धित 2515 मामले पाये गये हैं।
भारत सरकार द्वारा ऐसे किसानों को सुधार का एक अंतिम अवसर प्रदान किया गया है। यदि संबंधित किसान अगली किश्त जारी होने से पूर्व अपनी सूचनाओं एवं अभिलेखों का सही संशोधन नहीं कराते हैं, तो उन्हें अपात्र मानते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से स्थायी रूप से बाहर कर दिया जाएगा। इसके उपरांत ऐसे कृषकों को भविष्य में योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा। किसानों को सुझाव दिया गया है कि पोर्टल पर अभिलेख अपलोड करते समय अत्यंत सावधानी बरतें।
योजना हेतु वांछित दस्तावेजों के स्थान पर अन्य अभिलेख अपलोड करने, अपठनीय अथवा अस्पष्ट दस्तावेज लगाने, अधूरी जानकारी देने अथवा गलत अभिलेख प्रस्तुत करने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। आवेदन निरस्त होने के बाद पुनः अभिलेख अपलोड करने का अवसर उपलब्ध नहीं होगा। सत्यापन हेतु किसानों को आधार कार्ड, वर्तमान खतौनी की प्रमाणित प्रति तथा वरासत संबंधी मामलों में दिवंगत भू-स्वामी का आधार कार्ड एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद स्तर पर कृषि विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। इसी उद्देश्य से ब्लाक एवं तहसील, राजकीय कृषि बीज भंडारों तथा जन सेवा केंद्रों के माध्यम से किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। श्री वर्मा ने कृषकों को सुझाव दिया है कि पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए “अपडेट मिसिंग इनफार्मेशन” लिंक के माध्यम से अपने अभिलेखों एवं विवरणों का सही सत्यापन एवं संशोधन समय रहते अवश्य करा लें, ताकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त होता रहे।
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