सर्राफा व्यापारियों ने डीएम को सौपा प्रधानमंत्री को सम्बोधित निवेदन पत्र

सर्राफा व्यापारियों ने डीएम को सौपा प्रधानमंत्री को सम्बोधित निवेदन पत्र

एक साल तक जेवर न बिके तो बरबाद हो जायेंगे स्वर्णकार

ज्वेलरी कला को बचाने, आगे बढाने की पहल करें पीएम- कुन्दन वर्मा

बस्ती। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना और पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने जनपद के स्वर्ण व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना और हर स्तर पर वर्तमान में उत्पन्न स्थिति को लेकर सहयोग का आश्वासन दिया। वार्ता के दौरान सर्राफा एसोसिएशन अध्यक्ष कुन्दन वर्मा ने प्रधानमंत्री को सम्बोधित 9 सूत्रीय निवेदन पत्र जिलाधिकारी को सौंपा।

ज्ञापन सौंपने के बाद सर्राफा एसोसिएशन अध्यक्ष कुन्दन वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा एक साल तक सोने का जेवर न खरीदने की अपील के साथ स्वर्णकारों का संकट और बढ गया है। इससे पहले से ही मंदी के दौर में चल रहा व्यापार और कठिन हो जाएगा पूरे देश के अगभग 3.5 करोड़ लोग जो इस व्यवसाय से जुड़े है (ज्वेलर्स, कारीगर, श्रमिक परिवार) का जीवन यापन का संकट का विषय है। इससे सर्वाधिक नुकसान मध्यम व छोटे व्यवसायियो का है जो इस इन्डस्ट्री का लगभग 90ः है,10ः, मंे ब्राण्डेड व बड़े ज्वेलर्स की संख्या है यह इन्डन्ट्री कुटीर उद्योग के रूप में देश भर में गाँव गली नुक्कड़ तक फैला है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री वास्तविकता को समझते हुये समस्या का समाधान करायें।

प्रधानमंत्री को सम्बोधित 9 सूत्रीय निवेदन पत्र में कहा गया है कि व्यापार घाटे कारण फारेन रिर्जव में कमी होती है उर्जा जरूरतों के साथ-साथ, बांडेड कपड़े, जूते, लग्जरी गाड़िया, लग्जरी इलेक्ट्रानिक्स, घरेलू समानो का आयात भी होता है जिसमे विदेशी मुद्रा काफी व्यय होता है इस पर कमी लाई जा सकती है आयल करने वाली कम्पनियों से बात करके अनावश्यक समानो पर प्रतिबन्ध लगाया जा सकता है। सरकार चाहे तो सोने के आयात कम करके अपना बाण्ड निकाल कर देश के अन्दर मौजूद संस्थाओं व व्यक्तियों से बैंको के माध्यम से खरीददारी करके ज्वेलरी उद्योग को उपलब्ध करा सकती है। भारतीय ज्वेलरी की पूरे विश्व में कला के रूप में मान्यता है इसलिए इसके निर्यात के लिए हर प्रदेश में निर्यात सेन्टर बनाकर, विश्व के अन्य देशो में ज्वेलरी नियात के रास्ते प्रशस्त करते हुए योजना बनाकर स्थानीय ज्वेलर्स को जोड़ा जा सकता है।

निवेदन पत्र सौंपने वालों में सर्राफा एसोसिएशन के विश्वनाथ सोनी, प्रभात सोनी, आर्यन, पंकज कुमार वर्मा, जितेन्द्र सोनी, दीपक सोनी, अजीत सोनी, हरिओम लल्ला, विकास सोनी, शिवेन्द्र वर्मा, सपन सर्राफ, विश्वनाथ वर्मा, रामजी बरनवाल, त्रिलोकीनाथ वर्मा, जय प्रकाश सोनी, गोपाल जी, गिरीश सोनी, मनीष अग्रवाल, मनोज सोनी, अमरनाथ सोनी, गोलू जौनपुरी, मनोज वर्मा, जगदीश अग्रहरि, गणेश जी सोनी, शिवकुमार सोनी, रवि सोनी, हरिशंकर, सत्यम, उमाशंकर सोनी, सौरभ, शिवम सोनी, विकास सोनी, सुशील वर्मा, राजेश कुमार, सुनील सोनी, संजय, बब्लू के साथ ही अनेक सरार्फा व्यापारी शामिल रहे।