समाजसेवी सुशील चतुर्वेदी के आगमन को लेकर सिवान में उत्साह

 

सेवा कार्यों की मचेगी धूम बच्चों को वस्त्र-जूता वितरण और वृद्धजनों की सेवा हेतु खींचेंगे बड़ी लकीर

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या के प्रख्यात समाजसेवी सुशील चतुर्वेदी का बिहार के सिवान जिले में आगमन होने जा रहा है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में हर्ष और भारी उत्साह का माहौल है। उनके इस दौरे को केवल एक व्यक्तिगत प्रवास नहीं, बल्कि नर सेवा-नारायण सेवा के संकल्प के रूप में देखा जा रहा है। सुशील चतुर्वेदी के आगमन पर उनके सम्मान और जनसेवा को समर्पित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
मुंडन संस्कार और बच्चों के बीच सेवा कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुशील चतुर्वेदी जी एक मुंडन संस्कार में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इसके पश्चात वे समाज के भविष्य यानी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकारी विद्यालयों के निर्धन बच्चों को वस्त्र एवं जूते वितरित करेंगे। समाजसेवी चतुर्वेदी का मानना है कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ बुनियादी संसाधन उपलब्ध कराना समाज का नैतिक दायित्व है। बुजुर्गों के सम्मान में तैयार होगा ‘सेवा रोडमैप’
दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू वृद्धजनों की सेवा से जुड़ा है। सुशील चतुर्वेदी समाज के बुजुर्गों को बेहतर सुविधाएं, आराम और सम्मानजनक जीवन देने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना (ब्लूप्रिंट) तैयार करेंगे। इस पहल का उद्देश्य समाज के अनुभव के स्तंभों—हमारे वृद्धजनों—को मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। सुशील चतुर्वेदी के हाथों होगा जनसेवा का शंखनाद
स्थानीय कार्यकर्ताओं ने बताया कि इन कार्यक्रमों के अतिरिक्त भी समाज कल्याण और जनसेवा से जुड़ी कई अन्य परियोजनाओं का शुभारंभ सुशील चतुर्वेदी के हाथों संपन्न होगा। समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है जब हम अंत्योदय की भावना से कार्य करें। सिवान की धरती पर सेवा और सहयोग की इस नई अलख को जगाने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। सुशील चतुर्वेदी (समाजसेवी) इस आगमन को लेकर सिवान के विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध जनों ने स्वागत की विशेष तैयारी की है। लोगों का मानना है कि अयोध्या से आए सुशील चतुर्वेदी के ये कदम सिवान में सकारात्मक बदलाव की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।