भारतीय परम्परा में ज्ञान, शक्ति व ममता का साक्षात स्वरूप है नारी: संजय शुक्ल


पांडेय गर्ल्स इंटर कॉलेज में “नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम” के अंतर्गत सीता तत्व परिसंवाद एवं रामायण शक्ति तत्व उत्सव संगोष्ठी का हुआ आयोजन
-कवि सम्मेलन में कवियों ने बखानी नारी की महिमा
बस्ती। संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या तथा श्रीमती कृष्ण कुमारी पाण्डेय गर्ल्स इंटर कॉलेज, बस्ती के संयुक्त तत्वाधान में “नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम” के अंतर्गत “सीता तत्व परिसंवाद एवं रामायण शक्ति तत्व उत्सव” विषयक संगोष्ठी एवं विविध कार्यक्रमों का आयोजन श्रीमती कृष्ण कुमारी पांडेय गर्ल्स इंटर कालेज में किया गया। कार्यक्रम भारतीय संस्कृति की महान परंपराओं, आदर्श नारीत्व एवं मर्यादा के सर्वोच्च प्रतिमान माता सीता के जीवन मूल्यों पर केंद्रित रहा। भारतीय ज्ञान परंपरा तथा रामायण के विविध महिला पात्रों के दिव्य चरित्र पर वक्ताओं में अपने विचार रखे। कवियों ने देश के विदुषी महिलाओ के कृतित्व पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। विद्यालय की छात्राओं ने निबंध, चित्रकला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नारी शक्ति की महत्ता का बखान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सहायक शिक्षा निदेशक बस्ती मंडल संजय कुमार शुक्ला, बीएसए अनूप कुमार तिवारी, सह जिला विद्यालय निरीक्षक अनूप कुशवाहा, समन्वयक डॉ सुरभि सिंह, राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक डॉ सर्वेष्ट मिश्र ने मां सरस्वती जी के प्रतिमा का समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ सुरभि सिंह एवं डॉ सर्वेष्ट मिश्र ने सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न अंग वस्त्र एवं रामायण भेंट का स्वागत किया। इस अवसर पर सहायक शिक्षा निदेशक संजय शुक्ल ने कहा कि अयोध्या के महात्म्य में माता सीता ने जो मर्यादा की स्थापना की वह अमर गाथा बन गई। उन्होंने कहा कि महिला शब्द में ममता, हिम्मत और लज्जा तीनों चीजें शामिल हैं जो उन्हें दुनिया में सबसे अधिक महत्वपूर्ण बनाती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत में देश की महिलाओं ने जो स्थान हासिल किया है वह विश्व परिदृश्य में अजर अमर है। बी एस ए अनूप तिवारी ने रामायण काल में महिलाओं के त्याग, बलिदान और समर्पण को अभूतपूर्व बताया। सह जिला विद्यालय निरीक्षक अनूप कुशवाहा ने कहा कि नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली महिलाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में आयोजित विचार संगोष्ठी में महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ सुनीता त्रिपाठी ने कहा कि रामायण की महिला पात्रों ने जो आदर्श स्थापित किया है वह अतुलनीय है। सरस्वती बालिका विद्या मन्दिर, रामबाग की प्राचार्य प्रियंका सिंह एवं आरएलएस सिटी इंटरनेशनल स्कूल की निदेशक प्रीता खंडेलवाल, पांडेय गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्राचार्य डॉ सुरभि सिंह ने रामायण के विभिन्न महिला पात्रों—माता सीता, उर्मिला, कौशल्या एवं शबरी के जीवन, आदर्श, त्याग, धैर्य एवं नारी शक्ति के विविध आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ सर्वेष्ट मिश्र ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में नारी के योगदान हमेशा अतुलनीय रहा है।
कार्यक्रम में “रामायण शक्ति तत्व उत्सव” के अंतर्गत आयोजित कवि सम्मेलन का आयोजन किया जिसमें राष्ट्रीय स्तर के कवि विनोद उपाध्याय, शिवा त्रिपाठी, समीर तिवारी, कात्यायनी उपाध्याय ने अपनी रचनाओं से लोगो को भाव विभोर कर दिया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विभिन्न आकर्षक एवं भावपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगो को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे संभाषण प्रतियोगिता, निबंध , चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और लगभग डेढ़ सौ बालिकाओं को विभिन्न पुरस्कार, प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बीएसए अनूप कुमार तिवारी ने सभी को पुरस्कार वितरित करते हुए बच्चों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ० सर्वेष्ट मिश्र एवं संयोजिका डॉ० सुरभि सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक वागीश पाठक, प्रधानाचार्य पीके उपाध्याय, अरविंद सिंह, कुसुमलता मिश्रा, अनीता देवी पाण्डेय, दीपमाला पाण्डेय, अनीता सिंह, भारती तिवारी, संजय कुमार पाण्डेय, पिंकी सिंह, सीमा यादव, प्रवेश कुमार एवं परशुराम तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थिति रही।