महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग छात्रों के भविष्य और दोषपूर्ण परीक्षा प्रणाली के विरोध में समाजवादी छात्र सभा ने आवाज बुलंद की है। बुधवार को छात्र सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवांशु तिवारी एवं महानगर अध्यक्ष अजय मिश्रा के नेतृत्व में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था में सुधार की मांग की।
प्रमुख मांगें और आपत्तियां
सपा प्रवक्ता राकेश यादव (एडवोकेट) ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मुख्य रूप से नकारात्मक अंकन (Negative Marking) को समाप्त करने की मांग की गई है। छात्र नेताओं का तर्क है कि माइनस मार्किंग छात्रों के आत्मविश्वास को कम कर रही है और मूल्यांकन की निष्पक्षता को प्रभावित कर रही है। ज्ञापन में निम्नलिखित बिंदु प्रमुखता से उठाए गए। माइनस मार्किंग का अंत: नकारात्मक अंकन को तत्काल समाप्त किया जाए ताकि मूल्यांकन सकारात्मक हो सके। बैक पेपर प्रणाली का सरलीकरण: बैक पेपर के लिए विषयों की संख्या बढ़ाई जाए और परीक्षा परिणाम के तुरंत बाद इनका आयोजन हो, ताकि छात्रों का पूरा साल बर्बाद न हो।
सुधारात्मक दृष्टिकोण: शिक्षा का उद्देश्य सुधार होना चाहिए, न कि दंड देना। विश्वविद्यालय को छात्रों के लिए सहायक वातावरण तैयार करना चाहिए। माइनस मार्किंग सीधे तौर पर नकल माफियाओं को बढ़ावा देगी और इससे शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आएगी। विश्वविद्यालय को छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील निर्णय लेने चाहिए। शिवांशु तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष, सपा छात्र सभा
विश्वविद्यालय प्रशासन का आश्वासन शिवांशु तिवारी ने विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के सातवें सेमेस्टर के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि छात्रों की मांगों, विशेषकर इंजीनियरिंग विभाग के सातवें सेमेस्टर की परीक्षा पर त्वरित विचार कर उचित कार्रवाई की जाएगी। ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से महानगर अध्यक्ष अजय मिश्रा, उपाध्यक्ष सौरभ यादव, हर्षवीर, महासचिव अर्चना सिंह, अंजली मिश्रा, शुभम सिंह, संदीप कुमार, ऋषभ कुमार, अंकित यादव, अंशुमान सिंह, सुजीत यादव, और सचिन यादव समेत भारी संख्या में छात्र मौजूद रहे।