महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या | 10 अप्रैल, 2026
राम नगरी अयोध्या में आज वैश्विक शांति और सद्भाव की कामना के साथ एक भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। दिल्ली स्टडी ग्रुप के अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. विजय जौली के नेतृत्व में 101 राम भक्तों के जत्थे ने रामलला के दर्शन किए और विश्व शांति हेतु हवन पूजन किया। इस समूह में सिंगापुर के 6 नागरिक भी विशेष रूप से शामिल हुए।
चंपत राय ने दिया आशीर्वाद, जौली के प्रयासों को सराहा
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और वरिष्ठ आरएसएस प्रचारक चंपत राय ने सभी श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. विजय जौली के पूर्व कार्यों की प्रशंसा करते हुए वर्ष 2023 के ऐतिहासिक जलाभिषेक कार्यक्रम को याद किया। डॉ. जौली द्वारा 156 देशों की नदियों और समुद्रों के जल से रामलला का जलाभिषेक करना एक अद्वितीय और ऐतिहासिक कार्य था। उनके ऐसे प्रयास भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करते हैं।”
चंपत राय, महासचिव (राम मंदिर ट्रस्ट) 1000 वर्षों तक अक्षुण्ण रहेगा मंदिर का वैभव श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए चंपत राय ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर का निर्माण इस सदी की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मंदिर की मजबूती पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मंदिर का ढांचा 1000 वर्षों से अधिक समय तक सुरक्षित रहने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आधुनिक वास्तुकला तकनीकों के प्रयोग से इसे उच्च तीव्रता वाले भूकंप, तूफान और भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अभेद्य बनाया गया है।
युद्धों की समाप्ति और वैश्विक भाईचारे के लिए प्रार्थना
हवन के दौरान श्रद्धालुओं ने विश्व में चल रहे विभिन्न संघर्षों, विशेषकर रूस-यूक्रेन और अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की तत्काल समाप्ति के लिए विशेष आहुतियां दीं। उपस्थित भक्तों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और भारत की प्रगति के लिए भी मंगल कामना की। अपनी चौथी अयोध्या तीर्थयात्रा पर आए डॉ. विजय जौली ने कहा कि अयोध्या अब केवल भारत की नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बन चुकी है। कार्यक्रम का समापन ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ हुआ, जिससे संपूर्ण मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।